एक और BJP सांसद हुए बगावत पर उतरे,कहा- मोदी सरकार ने 30 करोड़ दलितों के लिए कुछ नहीं किया

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दलित आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के मुद्दे पर भाजपा की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं. अब एक और दलित नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. यह चिट्ठी उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद डॉ यशवंत सिंह ने लिखी है. आरक्षण को जीवनदायिनी हवा बताते हुए उन्होंने लिखा है कि इसके बिना भारत में दलित समाज और पिछड़े वर्ग का कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा. सांसद ने लिखा है, मैं दलित समाज के जाटव समाज का एक सांसद हूं. आरक्षण के कारण ही मैं सांसद बन पाया हूं.’

इतना ही नहीं, भाजपा सांसद ने अपनी सरकार पर दलित हित की पूरी तरह से उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. डॉ यशवंत सिंह ने लिखा है, ‘जब मैं चुनकर आया था उसी समय मैंने स्वयं आपसे मिलकर प्रमोशन में आरक्षण हेतु बिल पास करवाने का अनुरोध किया था. समाज के विभिन्न संगठन दिन-रात इस तरह के अनुरोध करते हैं, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी इस देश के करीब 30 करोड़ दलितों के हित के लिए आपकी सरकार ने एक भी काम नहीं किया.’

उन्होंने आगे लिखा है, ‘हम जब सांसद चुनकर आए थे तो आपका भाषण सुना था, जिसमें आपने कहा था कि ये सरकार गरीबों, दलितों, वंचितों की सरकार है. ये सुन हमारा दिल खुश हो गया था. आज की स्थिति में हम भाजपा के दलित सांसद अपने समाज की रोज-रोज की प्रताड़ना के शिकार हैं. कृपया दलित समाज के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए आरक्षण बिल पास कराएं.’

इससे पहले, इटावा से भाजपा सांसद अशोक कुमार दोहरे ने भी दलितों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी. उन्होंने लिखा था कि राज्य में दलितों को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है. दोहरे के मुताबिक प्रधानमंत्री ने उन्हें मामले की जांच का भरोसा दिया है. इससे पहले रॉबटर्सगंज लोकसभा सीट से भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार ने भी इसी तरह की शिकायत की थी.

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