टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में पहली बार बनाया खास रिकॉर्ड जाने क्या……

विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम ने इस बार ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक भी श्रृंखला नहीं गंवाई और यह श्रेय हासिल करने वाली वह पहली भारतीय टीम बन गई है। इससे पहले भारतीय टीम कभी ऑस्ट्रेलिया में यह कारनामा नहीं कर सकी थी।

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भारत (India) ने युजुवेंद्र चहल (Yajuvendra Chahal) की Spin के कमाल के बाद ‘मैच फिनिशर’ महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) और केदार जाधव (Kedar Jhadav) के बीच चौथे विकेट के लिए हुई नाबाद 121 रनों की भागीदारी से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (Melbourne Cricket Stadium) में खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच (3rd ODI Ind vs Aus) में ऑस्ट्रेलिया को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की। टेस्ट मैचों की श्रृंखला जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम ने वनडे सीरीज में भी जीत हासिल की, इससे पहले दोनों देशों के बीच खेली गई टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 1-1 से बराबर रही थी। विराट कोहली (Virat Kohli) की अगुवाई में भारतीय टीम ने इस बार ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक भी श्रृंखला नहीं गंवाई और यह श्रेय हासिल करने वाली वह पहली भारतीय टीम बन गई है। इससे पहले भारतीय टीम कभी ऑस्ट्रेलिया में यह कारनामा नहीं कर सकी थी।

वनडे सीरीज में ‘मैन ऑफ द सीरीज’ (Man Of The Match) महेंद्र सिंह धौनी रहे, जिन्होंने दूसरे वनडे में नाबाद 55 रन बनाकर टीम को जीत दिलाने के बाद तीसरे वनडे में भी नाबाद 87 रन की मैच जिताउ पारी खेली। इस तरह उन्होंने अपने आलोचकों का मुंह अपने प्रदर्शन से बंद कर दिया और इंग्लैंड में होने वाले आगामी आईसीसी वनडे विश्व कप के लिए अपनी मजबूत दावेदारी भी पेश कर दी। ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (42 रन पर 6 विकेट) की फिरकी के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 48.4 ओवर में 230 रन पर आउट कर दिया। इसके बाद फिनिशर की भूमिका बखूबी निभाते हुए धौनी ने वनडे में 70वां अर्धशतक जड़ा और केदार जाधव के साथ नाबाद शतकीय साझेदारी निभाकर भारत को 49.2 ओवर में लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

धौनी ने 114 गेंद खेलते हुए छह चौके की मदद से नाबाद 87 रन की पारी खेली। जबकि केदार जाधव ने 57 गेंद में सात चौकों की मदद से नाबाद 61 रन बनाए। भारत को जीत के लिए अंतिम चार ओवरों में 33 रन की दरकार थी। धौनी और जाधव ने 47वें ओवर में छह रन, 48वें ओवर में 13 रन और 49वें ओवर में 13 रन जुटाए। इससे आखिरी ओवर में जीत के लिए केवल एक रन चाहिए था और जाधव ने दूसरी गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई। हालांकि, भारत की शुरूआत अच्छी नहीं रही, उसने छठे ओवर की अंतिम गेंद पर सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (09) का विकेट गंवा दिया जो पीटर सिडल की गेंद पर पहली स्लिप में खड़े शॉन मार्श को कैच देकर आउट हुए। दूसरे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (23) और कप्तान विराट कोहली (46) ने संभलकर खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाना जारी रखा।

शिखर धवन (Shikhar Dhawan) फिर लंबी पारी खेलने में असफल रहे और मार्कस स्टोइनिस की फुल लैंथ गेंद पर इसी गेंदबाज को आसान कैच थमा बैठे, जिससे टीम का स्कोर दो विकेट पर 59 रन हो गया। अब कोहली और धौनी क्रीज पर थे, मैदान पर मौजूद भारतीय प्रशंसक ध्वज लहराकर जोश से भरे दिखाई दिए। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फिंच ने गेंदबाजों के बेहतरीन इस्तेमाल और खिलाड़ियों को मैदान पर अच्छी तरह सजाकर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। वहीं धौनी और कोहली ने जोखिम लिए बिना रन जुटाना जारी रखा। मेजबान टीम ने क्षेत्ररक्षण में कई मौके गंवाए और अगर वे इन्हें हासिल करने में सफल रहते तो शायद मैच का परिणाम बदल भी सकता था। ऑस्ट्रेलिया ने शानदार मौका तब गंवाया जब धवन के आउट करने के बाद धौनी क्रीज पर उतरे। मेजबानों के सबसे फुर्तीले क्षेत्ररक्षक ग्लेन मैक्सवेल ने स्टोइनिस की गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद भी कई बार टीम ने रन आउट के कई मौके बनाए।इससे पहले भी हैंड्सकॉम्ब ने स्लिप में विराट कोहली का कैच छोड़ दिया था जो उनके हाथ से निकलकर चार रन के लिए चला गया। हालांकि इस 54 रन की भागीदारी का अंत जाय रिचर्डसन ने किया जिन्होंने भारतीय कप्तान का विकेट झटककर टीम को तीसरा झटका दिया। इससे पहले श्रृंखला में अपना पहला मैच खेल रहे चहल ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 ओवर में 42 रन देकर छह विकेट लिये। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका के सेंचुरियन में 22 रन पर पांच विकेट था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में किसी भारतीय गेंदबाज की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की। इससे पहले अजित अगरकर ने भी इसी मैदान पर 42 रन देकर छह विकेट लिए थे। इस मैदान पर यह किसी विदेशी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। अगरकर ने 2004 में त्रिकोणीय श्रृंखला में यह प्रदर्शन किया था। चहल के अलावा भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी ने भी दो-दो विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया के लिए पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 58 रन की पारी खेली।

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