मुस्लिम महिलाओं के लिए नहीं, पतियों के छोड़ी विवाहित महिलाओं के लिए कानून लाएं प्रधानमंत्री: असदुद्दीन ओवैसी

0
234

नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट ने तीन तलाक यानी ट्रिपल तलाक पर अध्यादेश को मंजूरी दे दी, मगर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस अध्यादेश पर अपनी नाराजगी जाहिर की है और इसे मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ बताया है. ओवैसी ने ट्रिपल तलाक के बहाने प्रधानमंत्री से उन विवाहित महिलाओं के लिए कानून लाने की मांग की है, जिन्हें उनके पतिया द्वारा चुनावी शपथ पत्र में नाम देेते हैं कि वे पत्नी के साथ रहते हैं, मगर उन्हें छोड़ दिया जाता है. इतना ही नहीं, ओवैसी का कहना है कि इंस्टेंट ट्रिपल तलाक के खिलाफ लाए गये अध्यादेश से मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलेगा. बता दें कि आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने तीन तलाक पर अध्यादेश को मंजूरी दी और अब इसे 6 महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों से पारित करवाना होगा.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इंस्टेंट ट्रिपल तलाक के खिलाफ लाए गए अध्यादेश पर कहा, “यह अध्यादेश मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है… इस अध्यादेश से मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलेगा… इस्लाम में शादी एक सामाजिक अनुबंध है, और उसमें सज़ा के प्रावधान को जोड़ना गलत है.’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here