इलाहाबाद के बाद शिमला का नाम बदलने की सोच रही सरकार, अब हो जाएगा श्यामला

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इलाहाबाद के बाद अब हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की राजधानी शिमला का नाम बदलने पर विचार कर रही है। सरकार शिमला का नाम बदलकर श्यामला करना चाह रही है। इसकी मांग दक्षिणपंथी हिंदू समूह लंबे समय से करते आ रहे हैं, उनका कहना है कि ब्रिटिश शासन की पहचान को खत्म किया जाना चाहिए। शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा, ‘अंग्रेजों के भारत आने से पहले शिमला को श्यामला के नाम से जाना जाता था। इसका नाम बदलने की मांग पर सरकार लोगों के विचार जानेगी।’ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के बाद शिमला का नाम बदलने की मांग ने जोर पकड़ लिया।

हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि शिमला का नाम बदलने में कोई नुकसान नहीं है। विश्व हिंदू परिषद शिमला का नाम बदलने के लिए काफी समय से सरकार से मांग कर रही है। हालांकि, 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला का नाम बदलने की मांग को खारिज कर दी थी। उन्होंने कहा था कि यह एक अंतरराष्ट्रीय ख्याती प्राप्त पर्यटन स्थल है।

विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अमन पुरी ने कहा, ‘गुलामी शारीरिक, मानसिक या सांस्कृतिक हो सकती है। शोषकों द्वारा दिए गए नामों को ढोहना मानसिक गुलामी का प्रतीक है। आजादी के बाद देश में कई ब्रिटिश पहचान को खत्म किया गया, लेकिन हिमाचल में कई नाम उसी वक्त से चले आ रहे हैं। पुरी ने साथ ही कहा कि अंग्रेज श्यामला नहीं बोल पाते थे, इसलिए उन्होंने इसका नाम बदलकर शिमला कर दिया।

साथ ही विश्व हिंदू परिषद ने मांग की है कि राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होटल पीटरहॉफ का नाम बदलकर रामायण के रचियता वाल्मीकि के नाम पर रखने की मांग की है।

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