‘अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए’- किसानों ने इस नारे के साथ किया संसद की तरफ कूच

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मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए एक बार फिर से देशभर के किसान संसद मार्च करेंगे. किसानों की कर्जमाफी और फसलों की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिए जाने समेत कई मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों के किसान (Kisan Mukti March) दिल्ली में इकट्ठा हुए हैं. दो दिवसीय किसान मुक्ति मार्च आज संसद की ओर कूच कर रहा है. किसानों ने सरकार और प्रशासन को चेताया है कि अगर उन्हें संसद की ओर जाने से रोका गया तो फिर वे न्यूड प्रदर्शन करेंगे.

किसान (Kisan Mukti March) इस बार सिर्फ दो मांगों को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं. उनकी पहली मांग है कि उन्हें कर्ज से पूरी तरह मुक्ति दी जाए और दूसरी अपनी दूसरी मांग में फसलों की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा चाहते हैं. तीसरी मांग है कि वह विशेष संसद सत्र चाहते हैं. ऐतिहासिक रामलीला मैदान पर लाल टोपी पहने और लाल झंडा लिए किसानों ने ‘अयोध्या नहीं, कर्ज माफी चाहिए’ जैसे नारे लगाते दिखे. वे रात रामलीला मैदान में ही बिताते दिखे और आज यानी शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर संसद की तरफ मार्च करेंगे. किसानों के इस आंदोलन को डाक्टर, वकील, पूर्व सैनिक, पेशेवर और छात्रों सहित समाज के तमाम वर्गों के लोगों का साथ मिला है. इतना ही नहीं, पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा ने भी अपपना समर्थऩ दिया है. पुलिस के मुताबिक, किसानों के मार्च को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोई भी सरकार किसानों के समर्थन के बिना नहीं टिक सकती है. हजारों की संख्या में किसान देश के कोने-कोन से चलकर राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचे हैं ताकि सरकार के सामने अपने हक की मांग रख सकें. किसानों को संबोधित करते हुए गौड़ा ने कहा कि वह उनके दुख और दिक्कतों को समझते हैं क्योंकि वह खुद किसान के बेटे हैं.उन्होंने कहा, ‘मैं आपको आश्वासन देने आया हूं कि संघर्ष की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं. मैं आपके दुख और तकलीफों को समझता हूं.’

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