अरुण जेटली AIIMS में भर्ती, सांस लेने में दिक्कत

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) शुक्रवार को दिल्ली AIIMS में भर्ती हुए। सुबह करीब 10 बजे वे रूटीन चेकअप के लिए AIIMS में गए थे।

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पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) शुक्रवार को दिल्ली AIIMS में भर्ती हुए। सुबह करीब 10 बजे वे रूटीन चेकअप के लिए AIIMS में गए थे। जहां कार्डिएक न्यूरो सेंटर में स्थित VVIP वार्ड में उन्हें डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि ब्लड सैंपल और यूरिन प्रोफाइल की रिपोर्ट आने के बाद पूर्व वित्त मंत्री को डॉक्टरों ने भर्ती होने की सलाह दी। इसके बाद अरुण जेटली को AIIMS में भर्ती कराया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) समेत कई नेता जेटली का हाल लेने AIIMS पहुंचे हैं। AIIMS के वरिष्ठï ह्दयरोग विशेषज्ञ डॉ. वीके बहल के अलावा नेफ्रोलॉजी, एंडोक्रॉइनोलॉजी सहित करीब पांच विभागों के वरिष्ठï डॉक्टरों की टीम इलाज में जुट गई है। बताया जा रहा है कि अरुण जेटली को छाती में दर्द के अलावा सांस लेने में तकलीफ भी है।

AIIMS के पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठï डॉक्टरों ने जांच में फेफड़ों में पानी भरने का पता लगाया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए पूर्व वित्त मंत्री को एंटीबॉयोटिक दवाओं की डोज भी देना शुरू कर दिया है। एम्स के एक वरिष्ठï डॉक्टर ने बताया कि शुक्रवार शाम 7 बजे आई मेडिकल रिपोर्ट के बाद फिलहाल उनका स्वास्थ्य काफी हद तक नियंत्रण में है।

चूंकि कुछ माह पहले उनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। इसलिए प्रत्यारोपण कराने के बाद रूटीन चेकअप के लिए मरीजों का आना स्वाभाविक होता है। उन्होंने बताया कि 66 वर्षीय अरुण जेटली के साथ उनका परिवार भी एम्स में मौजूद है। उधर पूर्व वित्त मंत्री की तबियत खराब होने के चलते देर शाम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे उनसे मिलने एम्स पहुंचे। बता दें कि पिछले काफी समय से अरुण जेटली अस्वस्थ चल रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने मोदी सरकार की दूसरी कैबिनेट में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इसको लेकर अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी।

अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने उस चिट्ठी को Twitter पर भी शेयर किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि ‘पिछले 18 महीने से मैं बीमार हूं। मेरी तबीयत खराब है, इसलिए मुझे मंत्री न बनाने पर विचार करें।’ 

जेटली ने चिट्ठी में लिखा था कि आपकी (पीएम मोदी) अगुवाई में 5 साल काम करने का अनुभव बहुत ही अच्छा रहा। इससे पहले भी एनडीए सरकार में मुझे जिम्मेदारियां दी गईं। सरकार के अलावा संगठन और विपक्ष के नेता के रूप में मुझे अहम जिम्मेदारियों से नवाजा गया। अब मुझे कुछ नहीं चाहिए।

अरुण जेटली ने पीएम मोदी को लिखा था ‘मैं आपसे औपचारिक रूप से अनुरोध करने के लिए लिख रहा हूं कि मुझे अपने इलाज और स्वास्थ्य के लिए उचित समय चाहिए और इसलिए मैं नई सरकार में किसी भी जिम्मेदारी का हिस्सा नहीं बनना चाहता हूं। इसके बाद निश्चित तौर पर मेरे पास काफी समय होगा, जिसमें मैं अनौपचारिक रूप से सरकार या पार्टी में कोई भी सहयोग कर सकता हूं।’

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