तेजपत्ता हैं शरीर के लिए काफी लाभ दायक,जानिए फायदे…

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वैसे तो आप सभी जानते ही होंगे कि आमतौर पर तेजपत्ते का इस्तेमाल सब्जी बनाते वक्त मसाले के तौर पर किया जाता है और इसके अलावा भारतीय व्‍यंजनों में महक और सुगंध के तौर पर भी इसका उपयोग किया जाता है। लम्बे समय से लोग सब्‍जी में अच्‍छी खुशबु के लिए इसका उपयोग करते है लेकिन इन पत्तों के कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ भी होते हैं। जी हां, तेजपत्ते में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं।
तेजपत्‍ते में कई प्रकार के औषधीय गुण होते हैं जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिए काफी लाभप्रद होते हैं। इस तेल से कई प्रकार के ऑयनमेंट बनते हैं और इसमें एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी-फंगस गुण होते हैं। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट भी भरपूर मात्रा में होता है। जी हां, एंटी-ऑक्सीडेंट, पोटैशियम, गैगनीज, सेलेनियम और आयरन से भरपूर तेजपत्ता हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में काफी मददगार साबित होता है।

पथरी में फायदेमंद
पथरी से जुड़ी समस्या के लिए तेजपत्ते का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। अगर आपको पथरी की समस्या है तो आप तेजपत्ते को उबालकर उस पानी को ठंडा करके पीया करें। यह किडनी स्टोन और किडनी से जुड़ी दूसरी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करता है।

डायबिटीज में फायदेमंद
डायबिटीज शुगर ग्रसित व्यक्ति के लिए तेजपत्ता अचूक प्राकृतिक औषधि है। इसका नियमित रूप से सेवन करने से डायबिटीज को कंट्रोल में रखा जा सकता है। अगर तेजपत्ता को पाडडर बनाकर कांच की शीशी में रख लें और शुगर लेवल के बढ़ने पर तुरन्त 2 चम्मच तेजपत्ता का पाउडर 1 गिलास पानी में उबाल कर छान कर सुबह, दोपहर, शाम सेवन करने से डायबिटीज शुगर लेवन नियत्रंण में रहता है। इसके अलावा तेजपत्ता गाढ़ा पीने के बाद 1 घण्टे तक कुछ खाना- पीना नहीं चाहिए।

कार्डियोवस्‍कुलर में लाभ
दिल सम्‍बंधी कई समस्‍याओं में तेजपत्‍ता लाभप्रद होता है। इसके सेवन से दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम होता है और दिल स्‍वस्‍थ रहता है।

अस्थमा में लाभ
अस्थमा मरीज के लिए तेज पत्ता लाभदायक हैं। इसको अदरक और कस्तूरी हल्दी के साथ बारीक़ पीसकर गुनगुने पानी के साथ सेवन करना फायदेमंद है।

मिर्गी में इसका लाभ
मिर्गी के मरीज के लिए तेज पत्ते का धुआं वरदान समान है। इसके इस्तेमाल से मिर्गी की समस्या दूर हो जाएगी।

सर्दी के रोग में लाभ
सर्दी से शरीर में दर्द, नाक में सुरसुराहट, छींके आना, पानी गिरना, सिर में भारीपन, जलन, गला बैठना, तालु छिलना, आदि होने पर १० ग्राम तेजपात कूटकर तवे पर सेंककर रख लें। इसका १ भाग, २ कप पानी, स्वादानुसार दूध, चीनी मिलाकर चाय की तरह उबालकर, छानकर नित्य ३ बार पीने से सर्दी जनित रोग ठीक हो जाते हैं।

दाँतो का पीलापन दूर करने में फायदेमंद
दांतों में पीलापन दूर करने के लिए तेजपत्ता का पाउडर बेहद ही फायदेमंद है। इसके सूखे पत्तो को बारीक पीसकर लगातार मंजन करने से दांत नेचुरली चमक जाते है। तेजपत्ता दांतों के लिए प्राकृतिक मंजन है।

दिमाग स्मरण शक्ति में लाभदायक
तेजपत्ता दिमाग स्मारण शक्ति बढ़ाने में सक्षम है। तेजपत्ता का उपयोग सेवन रोज खाने में जरूर करें। तेजपत्ता दिमाग के भुलाने वाले एसिटिलकोलाइनैस्टेटो को रोकता है। जिससे दिमाग ज्यादा सक्रीय और स्मरण शक्ति तीव्र हो जाती है।

गर्भस्त्राव, बांझपन में बेहद ही लाभदायक
औरतों में गर्भ न ठहरना, बांझपन को दूर करने में तेजपत्ता सक्षम है। पीरियड से 1 5-6 दिन पहले से लगातार पीरियड 5-6 दिन बाद तेजपत्ता गाढ़ा सेवन करने से समस्या से निदान मिल जाता है। इस से औरतों के गर्भाशय में शिथिलता की समस्या दूर हो जाती है और गर्भधारण में आसानी रहती है। लगातार पीने से गर्भस्त्राव से मुक्ति मिलती है। गर्भ ठहर जाता है।

पाचन शक्ति में लाभ
पेट से जुड़ी कई समस्याओं में भी तेजपत्ता कारगर उपाय है। इसके लिए आप चाय बनाते वक्त तेजपत्ते का इस्तेमाल करें। इस चाय का सेवन करने से आप कब्ज, असिडिटी और मरोड़ जैसी समस्याओं से राहत पा सकते हैं।

 

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