भागलपुर तनाव: केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे पर FIR दर्ज, जानिए कौन हैं अर्जित शाश्‍वत?

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भागलपुर के नाथनगर में शनिवार को भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकले जुलूस के बाद दो पक्षों में हुई हिंसक झड़प में 60 लोग घायल हो गए थे, इस मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत पर प्राथमिकी  दर्ज की गई है।

अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे समेत आठ लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इन सबपर लोगों की भावनाएं भड़काने का आरोप है। बता दें कि दो दिन पहले अर्जित ने अपने समर्थकों के साथ नाथनगर से मोटरसाइकिल जुलूस निकाला था।
जैसे ही यह मोटरसाइकिल जुलूस एक खास अल्‍पसंख्‍यक जाति के मोहल्‍ले से होकर गुजरा तो जुलूस में शामिल लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। इसके बाद खास अल्‍पसंख्‍यक समुदाय ने भी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद  शुरू  हुए तनाव के बाद दर्जनों दुकानें जला दी गईं। मोटरसाइकिल फूंकी गई।

बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बिहार के भागलपुर में एक जुलूस निकाला, जिसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। जुलूस में शामिल अर्जित शाश्वत। पुलिस एफआईआर में शाश्वत पर बिना इजाजत के जुलूस निकालने का आरोप है। दूसरे एफआईआर में 500 लोगों पर दंगा भड़काने के आरोप हैं। (फोटो-फेसबुक)

नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकला था जुलूस
भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर नववर्ष आयोजन समिति द्वारा बाइक जुलूस निकाला गया था। जुलूस आगे चला गया। उसके बाद चंपानगर के लोगों ने सड़क पर पथराव आरंभ कर दिया। ऑटोरिक्शा रोककर तोडफ़ोड़ करने लगे। इसके बाद बाबू टोला के लोग भी सामने आ गए। दोनों पक्षों में घमासान शुरू हो गया। रोड़ेबाजी तीन घंटे से भी अधिक समय तक चली।

पुलिस वाले जान बचाकर भागे, पांच दर्जन घायल
चंपानगर चौक पर दोपहर तीन बजे से दोनों ओर से जमकर रोड़ेबाजी, गोलीबारी और बमबाजी हुई। पांच दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। ईंट-पत्थर लगने से डीएसपी और इंस्पेक्टर जख्मी हो गए। नाथनगर इंस्पेक्टर ने मंदिर में छुपकर जान बचाई। एक पक्ष की ओर से 15 राउंड गोलियां चलाई गई। गोली लगने से जिला पुलिस बल का एक सिपाही और एक स्थानीय व्यक्ति घायल हुए।
उपद्रवियों ने चार बम भी फेंके, जिसकी चपेट में आने से दो व्यक्ति जख्मी हो गए। लोगों ने मोटरसाइकिल में आग लगा दी। दुकानों और वाहनों में जमकर तोडफ़ोड़ की। उपद्रवियों को बेकाबू होते देख थाने के जवान भाग खड़े हुए। रुक-रुक कर रोड़ेबाजी होने के कारण डीएम, डीडीसी और एसएसपी को भी पीछे हटना पड़ा।

हिनू नववर्ष की पूर्व संध्या पर समर्थकों संग बाइक से रैली निकालते बीजेपी नेता अर्जित शाश्वत। (फोटो- फेसबुक)

हिनू नववर्ष की पूर्व संध्या पर समर्थकों संग बाइक से रैली निकालते बीजेपी नेता अर्जित शाश्वत

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत के भड़काऊ भाषण को हिंसा की वजह बताया जा रहा है। बता दें कि अर्जित शाश्वत बीजेपी के नेता हैं और भागलपुर विधान सभा सीट से साल 2015 में विधान सभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, वो चुनाव हार गए। उनके पिता और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भागलपुर से चार बार विधायक रहे हैं और राज्य सरकार में भी मंत्री रहे हैं। 40 साल के अर्जित आईटी इंजीनियर हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की साडरान फ्रांस यूनिवर्सिटी से साल 2006 में एमबीए किया है। पेशे से वो व्यवसायी हैं। मोटरसाइकिल के डीलर हैं। उनका एक शोरूम है। इनके पास गैस एजेंसी भी है। इनके छोटे भाई अविरल भी राजनीति में हैं। साल 2015 के बिहार विधान सभा चुनाव में दोनों भाई टिकट के दावेदार थे लेकिन सिर्फ अर्जित को ही टिकट मिल सका था। तब विरोधियों ने बीजेपी में वंशवाद को बढ़ावा देने पर हमला बोला था।

अपने पिता केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के साथ अर्जित शाश्वत चौबे। बेटे की इस हरकत पर पिता को गर्व है। अश्विनी चौबे ने कहा, 'मुझे गर्व है कि अर्जित मेरा बेटा है। सभी बीजेपी कार्यकर्ता मेरे बेटे जैसे हैं। क्या हिंदू नववर्ष पर जुलूस निकालना गलत है?'(फोटो- फेसबुक)

अपने पिता केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के साथ अर्जित शाश्वत चौबे। बेटे की इस हरकत पर पिता को गर्व है। अश्विनी चौबे ने कहा, ‘मुझे गर्व है कि अर्जित मेरा बेटा है। सभी बीजेपी कार्यकर्ता मेरे बेटे जैसे हैं। क्या हिंदू नववर्ष पर जुलूस निकालना गलत है?

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