AVIAN Influenza: दिल्ली और महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू , अब तक देश के 9 राज्यों में मचा हड़कंप

AVIAN Influenza: पशुपालन विभाग के मुताबिक, दिल्ली में बर्ड फ्लू से हुई पक्षियों की मौत में अभी तक आई 8 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं।

0
480

एवियन इन्फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू लगातार पांव पसार रहा है और इस तरह से यह अब देश के नौ राज्यों में फैल चुका है। केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश के बाद अब दिल्ली और महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। दिल्ली में लिए गए सैंपलों में से 8 की पुष्टि हो गई है। दिल्ली के पशुपालन विभाग ने कहा है कि मृत कौवों और बत्तखों के आठ नमूनों के परीक्षण के बाद दिल्ली में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। एवियन फ्लू के लिए सभी नमूनों का परीक्षण सकारात्मक रहा। वहीं, मुंबई में भी आज ही इसकी पुष्टि हुई है। इसे देखते हुए अब सभी राज्यों ने सतर्कता बढ़ा दी है। देश में बर्ड फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। विदेश मामलों की संसदीय समिति आज इस पर बैठक करेगी। यह समिति देश में पशु टीका की उपलब्धता और पशु चिकित्सा सेवाओं की स्थिति पर चर्चा करेगी।

पशुपालन विभाग के मुताबिक, दिल्ली में बर्ड फ्लू से हुई पक्षियों की मौत में अभी तक आई 8 सैंपल पॉजिटिव मिले हैं। दिल्ली में 3 जगह की पक्षियों की रिपोर्ट पॉजिटिव है, मयूर विहार फेज 3, द्वारका सेक्टर 9, संजय झील। इन तीनों जगह के सैंपल भोपाल भेजे गए थे। हालांकि, जालंधर की रिपोर्ट अभी नहीं आयी है। संजय झील को अलर्ट जोन घोषित किया जा चुका है। वहां अब तक 27 बतख की मौत हो चुकी है। तीनों DDA के पार्क हैं और उन्हें सील कर दिया गया है।

महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इस तरह से महाराष्ट्र को लेकर देश के नौ राज्य बर्ड फ्लू की चपेट में आ चुके हैं। महाराष्ट्र के परभणी जिले के मुरुंबा गांव स्थित पॉल्ट्री फार्म में करीब 800 मुर्गियों की मौत हो गई, जिसके बाद इनके नमूने जांच के लिए भेजे गए। इसमें सामने आया कि मुर्गियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई है। रिपोर्ट सामने आते ही प्रशासन अलर्ट हो गया है।

वहीं, हरियाणा के पंचकूला जिले के दो कुक्कुट फॉर्म में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने नौ त्वरित प्रतिक्रिया दलतैनात किए हैं और दोनों ही केंद्रों पर रोकथाम का अभियान जारी है। गुजरात के सूरत जिले और राजस्थान के सिरोही जिले में कौए और वन्य पक्षियों के नमूनों में एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है।

रविवार को केंद्र ने विभिन्न चिड़ियाघर प्रबंधनों को निर्देश दिया कि वे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) को दैनिक रिपोर्ट भेजें और ऐसा तब तक जारी रखें जब तक कि उनके इलाके को रोगमुक्त घोषित नहीं कर दिया जाता। पर्यावरण मंत्रालय के तहत आने वाले सीजेडए ने कार्यालयी ज्ञापन जारी कर सभी चिड़ियाघरों के प्रबंधन को निगरानी रखने और पक्षियों के दड़बों के प्रबंधन को मजबूत करने का निर्देश दिया।

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रविवार को पोंग बांध वन्यजीव अभयारण्य में 215 प्रवासी पक्षी मृत पाए गए। जिससे संदिग्ध रूप से एवियन इंफ्लूएंजा से मरने वाली ऐसी चिड़ियों की संख्या बढ़कर 4,235 हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इसके अलावा नाहन, बिलासपुर और मंडी (हिमाचल प्रदेश) से भी जंगली पक्षियों की असामान्य मौत की खबरें आई हैं और नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश में अब तक 13 जिलो जिला इंदौर, मंदसौर, आगर, नीमच, देवास, उज्जैन, खडवा, खरगौन, गुना, शिवपुरी, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा में कौओ में बर्डफ्लू की पुष्टि हो चुकी है। प्रदेश के झाबुआ जिले के ग्राम मदरानी स्थित एक खेत में रविवार को पांच मोर मृत पाए गए हैं। शनिवार तक 27 जिलों से लगभग 1100 कौओं और जंगली पक्षियों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से 32 सैंपल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा रोग अनुसंधान प्रयोगशाला भोपाल को जांच हेतु प्रेषित किए गए है। मध्य प्रदेश में बर्ड फ्लू का प्रकोप कौओं के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है।

महाराष्ट्र के लातूर में अहमदपुर इलाके के 10 किलोमीटर के क्षेत्र को अलर्ट जोन घोषित किया गया है। जहां पर गत दो दिन में 128 मुर्गियों सहित 180 पक्षी मृत पाए गए हैं। लातूर के जिलाधिकारी पृथ्वीराज बीपी ने रविवार को बताया कि पक्षियों की मौत की वजह का पता नहीं चला है। सभी नमूनों को पुणे जांच के लिए भेजा गया है और नतीजों का इंतजार है।

चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद रविवार को हड़कंप मचा रहा। जू प्रशासन ने प्रभावित बाड़े के एक दर्जन पक्षी मार दिए हैं। पक्षी बाड़ों, झील के पानी, मिट्टी और बीट के सैंपल लिए गए हैं। शनिवार देर शाम भोपाल से आई पक्षियों के सैंपल की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया। तय किया गया था कि चिड़ियाघर और उसके आसपास के एक किलोमीटर के दायरे में सभी पक्षियों को मारा जाएगा।

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित पचवस तालाब के पास विदेशी परिंदे एशियन ओपेन बिल्ड स्टार्क पेड़ों पर अपने घोसलों के पास मृत मिले हैं। इनकी संख्या एक दर्जन से अधिक बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर घोंघिल के नाम से प्रचलित पक्षियों के मरने की खबर से क्षेत्र में बर्ड फ्लू को लेकर लोग सशंकित है। हालांकि, वन विभाग इनकी मौत का कारण बर्ड फ्लू नहीं मान रहा है। अलबत्ता पक्षियों के शवों का सैम्पल जांच के लिए भोपाल भेजा जा रहा है। वहीं कुशीनगर में दस पोल्ट्री फार्म से सैंपल बरेली भेजे गए हैं।

विंध्याचल मंडल के निदेशक (पशुपालन) ने मंडल के तीनों जिलों को बर्डफ्लू से बचाने के लिए कुक्कुट व्यवसाय से जुड़े लोगों पर गैर प्रांतों व गैर जिलों से कुक्कुट व कुक्कुट उत्पाद (अंडा, मांस) मंगवाने पर रोक लगा दिए है।

पीलीभीति स्थित टाइगर रिजर्व और दुधवा के जंगल में रहने वाले 457 प्रजातियों के पक्षी पर भी खतरे की आशंका है। हालांकि, रुहेलखंड में बर्ड फ्लू का कोई केस सामने नहीं आया है। फिर भी पक्षियों की सुरक्षा के तौर पर मॉनिटरिंग कराई जा रही है। प्रवासी पक्षियों का सीरम लेने के लिए वन विभाग की टीम जाल लगाकर पक्षियों को पकड़ेगी। जांच को सीरम भोपाल लैब भेजा जाएगा।

सोनभद्र जिले में कौओं की मौत के बाद मुर्गियों की मौत की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। बभनी थाना क्षेत्र के बारवाटोला गांव में शनिवार को दर्जन भर मुर्गे मुर्गियों की मौत हो गई। मुर्गियों की मौत से बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर लोगों में दहशत व्याप्त है। रविवार को पशु चिकित्सक डॉ. उमाकांत व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की टीम गांव में पहुंच कर लोगों से मिलकर जानकारी ली।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here