भाजपा ने ‘संकल्प पत्र’ के नाम से जारी किया घोषणा पत्र

BJP ने लोकसभा चुनाव के लिए 'संकल्प पत्र' के नाम से अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. घोषणा पत्र में भाजपा ने देश के हर एक वर्ग के लिए वादे किए हैं.

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. ‘संकल्प पत्र’ के नाम से जारी किए गए घोषणा पत्र में भाजपा ने देश के हर एक वर्ग के लिए वादे किए हैं. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता वहां मौजूद थे. इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के साथ-साथ राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि राम मंदिर को लेकर सभी तरह की संभावनाएं तलाशी जाएंगी और सौहार्दपूर्ण माहौल में जल्द राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा. साथ ही कहा कि देश की सुरक्षा के साथ हमारी सरकार किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगी. सुरक्षा बलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ्री हैंड नीति जारी रहेगी.

राजनाथ सिंह ने कहा कि इस संकल्प पत्र के माध्यम से हम नए भारत के निर्माण में 130 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में पेश कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव के लिए यह संकल्प पत्र बनाने के लिए हमारे अध्यक्ष जी ने मेरी अध्यक्षता में एक समिति बनाई और मेरे साथ 12 लोगों को भी उसमें नामित किया था और संकल्प पत्र को Multi Dimensional बनाने के लिए 12 श्रेणियों में भी उसे विभाजित किया था.

BJP के घोषणा पत्र की बड़ी बातें
राष्ट्रवाद के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता है. आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी थी, है और जब तक यह खत्म नहीं होगा, तब तक यह रहेगी. देश की सुरक्षा के साथ हमारी सरकार किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगी. सुरक्षा बलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए फ्री हैंड नीति जारी रहेगी.

यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर हमारी जो प्रतिबद्धता थी, वही रहेगी. हम इस पर काम करेंगे.

अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए जितनी सख्ती करनी होगी करेंगे. इस पर पूरी तरह से रोक लगाएंगे.

नागरिकता संसोधन बिल को हम संसद के दोनों सदनों से पास कराएंगे और उसे लागू करवाएंगे. इसके साथ ही हम कहना चाहते है कि हम किसी भी राज्य की पहचान को आंच नहीं आने देंगे.

राम मंदिर की बात करें तो पिछली बार की तरह इस बार भी राम मंदिर के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है कि हम सभी संभावनाओं को तलाशेंगे. हमारी कोशिश होगी की सौहार्दपूर्ण वातावरण में जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण किया जाए.

हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही देश की बागड़ोर संभालते हुए कहा था कि 2022 आते-आते किसानों की आय दोगुनी करेंगे. आज मैं फिर यह बात दोहरा रहा हूं. इसमें हमें कामयाबी भी हासिल हुई है.

किसान क्रेडिट कार्ड पर एक लाख तक जो लोन मिलता था, उस पर अगले पांच साल के लिए शुन्य ब्याज दर लगेगी.

6000 रुपये सालाना आर्थिक मदद अब केवल दो हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को ही नहीं, बल्कि देश के सभी किसानों को मिलेगी. छोटे और खेतिहर किसानों को 60 साल की उम्र के बाद पेंशन दी जाएगी.

राष्ट्रीय व्यापार आयोग का गठन किया जाएगा और छोटे दुकानदारों को 60 साल की उम्र के बाद पेंशन दी जाएगी.

वर्ष 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर और वर्ष 2032 तक 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा. इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपए का पूँजीगत निवेश. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी योजना.

नए भारत की बुनियाद: सभी बसावटों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का दर्जा. 50 शहरों में एक मजबूत मेट्रो नेटवर्क. सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए भारतमाला 2.0 द्वारा राज्यों को सहायता.

स्वस्थ भारत : 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्रों में टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक लैब सुवाधाएं. हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज या परास्नातक मेडिकल कॉलेज. वर्ष 2022 तक सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पूर्ण टीकाकरण.

लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकायों के लिए एक साथ चुनाव के मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाना. प्रभावी शासन और पारदर्शी निर्णयन के माध्यम से भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाना.

सार्वजनिक सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति के लिए सेवा आपूर्ति के अधिकार सुनिश्चित करना.

भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज़ी से विकसित करने के लिए 22 प्रमुख चैम्पियन सेक्टरों का निर्धारण. उद्यमियों को बिना किसी सिक्योरिटी के 50 लाख रु तक का ऋण. पूर्वोत्तर राज्यों में MSME को पूंजीगत सहायता देने के लिए ‘उद्यमी पूर्वोत्तर’ योजना.

सबके लिए शिक्षाः 200 नए केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों का निर्माण. वर्ष 2024 तक एमबीबीएस और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या दोगुनी करना. भारतीय शैक्षणिक संस्थानों का विश्व के शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थानों में स्थान.

महिला सशक्तिकरण: तीन तलाक, निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित व समाप्त करने को विधेयक. सभी आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता को आयुष्मान भारत के तहत लाना. कम से कम 50% महिला कर्मचारी रखने वाले MSME उद्योगों द्वारा सरकार के लिए 10% उत्पाद खरीद.

समावेशी विकास: गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या को घटाकर 10% से भी कम करना. 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं.

वैश्विक भारत : प्रवासी भारतियों के बीच पारस्परिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत गौरव’ की शुरुआत. वैश्विक समस्याओं जैसे आतंकवाद और भ्रष्टाचार के विरुद्ध बहुपक्षिय सहयोग. राजनयिक और सम्बंधित कैडरों का सशक्तिकरण.

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