Budget: इस बजट से आपको क्या मिला ध्यान से समझें ..

सरकार ने आम चुनाव से पहले गुरुवार को पेश अपने आखरी बजट (interim budget 2019) प्रस्तावों में किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को लुभाने के लिये कई बड़ी घोषणायें की हैं.

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सरकार ने आम चुनाव से पहले गुरुवार को पेश अपने आखरी बजट (interim budget 2019) प्रस्तावों में किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को लुभाने के लिये कई बड़ी घोषणायें की हैं. छोटे किसानों को साल में 6,000 रुपये का नकद समर्थन, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये मैगा पेंशन योजना और नौकरी पेशा तबके के लिये पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर मुक्त कर दिया गया है. इन तीन क्षेत्रों के लिए बजट में कुल मिला कर करीब सवा लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे कुल मिला करीब 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में शुक्रवार को 2019- 20 का अंतरिम बजट पेश करते हुये कई लोक लुभावन घोषणायें की हैं.  

इनकम टैक्स पर ऐलान:

  • पीयूष गोयल ने मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा तबके की मांग को स्वीकार करते हुये पांच लाख रुपये तक की व्यक्तिगत आय को कर मुक्त कर दिया. उन्होंने कहा कि वह कर स्लैब में फिलहाल कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं लेकिन पांच लाख रुपये तक की आय पर कर से पूरी छूट होगी.
  • उन्होंने कहा ‘‘यदि आपने कर छूट वाली विभिन्न योजनाओं में निवेश किया है तो साढ़े छह लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा. इसके अलावा यदि आवास ऋण लिया गया है तो उसके दो लाख रुपये तक के ब्याज भुगतान पर भी कर छूट उपलब्ध होगी. पेंशन योजना एनपीएस पर पचास हजार रुपये की अतिरिक्त कर छूट है.”
  • बजट में मानक कटौती को 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है.
  • मौजूदा कर स्लैब के मुताबिक ढाई लाख से पांच लाख रुपये तक वार्षिक आय पर पांच प्रतिशत, पांच से दस लाख रुपये की आय पर 20 प्रतिशत और दस लाख रुपये से अधिक की सालाना आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लागू है.
  • 60 वर्ष और उससे अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम के वरिष्ठ नागरिकों के लिये तीन लाख रुपये तक की आय कर मुक्त है जबकि 80 वर्ष और इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों की पांच लाख रुपये तक की आय पहले से ही कर मुक्त है.
  • नया घर बनाने वालों को इनकम टैक्स में छूट मिलेगी

किसानों को क्या मिला:

  • सरकार ने बजट में दो हेक्टयेर तक की जोत वाले छोटे किसानों को साल में 6,000 रुपये का नकद समर्थन देने की ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ का प्रस्‍ताव किया.
  • पीयूष गोयल ने प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि नाम से एक नयी योजना के तहत छोटे किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 करोड़ रुपये की नकद सहायता देने का एलान किया. इस योजना से सरकारी खजाने पर सालाना 75,000 करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ पड़ेगा. यह सहायता दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को उपलब्ध होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना से 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे.
  • गोयल ने कहा, ‘यह योजना इसी वित्त वर्ष से लागू हो जाएगी और इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
  • इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए दो फीसदी इंटरेस्ट सबवेंशन यानी ब्याज में दो फीसदी की छूट देने की घोषणा की गई है.
  • फसल ऋण का समय से भुगतान करने पर तीन फीसदी का इंटरेस्ट सबवेंशन प्रदान करने की घोषणा की गई है.

महिलाओं के लिए क्‍या है बजट में…

  • वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए 1,330 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जोकि पिछले साल की तुलना में 174 करोड़ रुपये अधिक है.
  • गोयल ने लोकसभा में अंतरिम बजट प्रस्तुत करते हुए कहा, “वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 1,330 करोड़ रुपये की रकम का प्रावधान किया गया है.”
  • उन्होंने कहा, “महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाते हुए, सरकार का जोर पिछले साढ़े चार वर्षों में ‘महिलाओं के विकास’ से ‘महिला-नीत विकास’ पर रहा है.”
  • गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की 70 फीसदी से ज्यादा लाभार्थी महिलाएं रही हैं, जिन्हें अपना खुद का कारोबार शुरू करने के लिए किफायती और जमानत-मुक्त कर्ज प्राप्त हो रहा है.
  • वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि 26 हफ्तों के मातृत्व अवकाश से महिलाओं को वित्तीय मदद मिली है और साथ ही वह काम में भागीदारी के लिए सशक्त हुई हैं.
  • उन्होंने कहा कि सरकार ने आठ करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए उज्जवला योजना शुरू की है, जिसमें से छह करोड़ कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं और बाकी के कनेक्शन अगले साल में दे दिए जाएंगे.

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए क्‍या मिला बजट में…

  • केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को 2019-20 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 61,398 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान की घोषणा की जिसमें 6400 करोड़ रुपये केंद्र की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के लिए आवंटित किये गये हैं.
  • आने वाले वित्त वर्ष के लिए स्वास्थ्य आवंटन पिछले दो वित्त वर्ष में सर्वाधिक है और इसमें 2018-19 के आवंटन में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है. पिछले वर्ष यह आवंटन 54,302.50 करोड़ रुपये था.
  • केंद्र की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के लिए 6400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को इसकी शुरुआत की थी जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पिछले वर्ष आम बजट पेश करते हुए की थी. योजना में हर साल देश में 10 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य है और इसमें सालाना पांच लाख रुपये तक के अस्पताल के इलाज खर्च के बीमा का प्रावधान है.

मजदूर कामगारों को क्या मिला:
– असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये तीन हजार रुपये की पेंशन देने के लिये ‘प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन वृहद पेंशन योजना’ शुरू करने का प्रस्ताव किया है.
– हादसे की हालत में ईपीएफओ बीमा 6 लाख किया गया.

बैंक से 40000 तक के ब्याज पर टैक्स नहीं
2 लाख होमलोन ब्याज पर छूट

कामगारों को राहत
ग्रैच्युटी – 10 से बढ़ाकर 20 लाख

और क्या है खास बजट में:0

– बैंक और डाकघर के बचत खातों में जमा पर मिलने वाले ब्‍याज पर टीडीएस की सीमा सालाना 10,000 रुपये से बढ़ा कर 40,000 रुपये की गयी.
– आवास और रीयल एस्‍टेट क्षेत्र को बढ़ावा, वित्‍त मंत्री ने मध्‍यम वर्ग और छोटे करदाताओं के लिए करों में राहत की घोषणा की.
– अगले पांच वर्ष में एक लाख गांव बनेंगे डिजिटल.
– सरकार पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र में खोज के संबंध में अंतर मंत्रालय समिति द्वारा की गई अनेक सिफारिशों को लागू करेगी.
– रक्षा बजट बढ़कर 3,05,296 करोड़ रुपये.
– रेलवे के लिए 64,587 करोड़ रुपये आवंटित. बड़ी लाइनों वाले नेटवर्क पर सभी मानवरहित लेवल क्रॉसिंग समाप्‍त किये गये.
– अंतरिम बजट 2019-20 में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण मिशन के लिए 1,330 करोड़ रुपये.
– सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए कई उपाय किए.
– नीति आयोग के तहत एक समिति का गठन किया जायेगा जिसका काम गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू को औपचारिक रूप से वर्गीकृत करना होगा.
– सभी केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों तक जीईएम प्लेटफॉर्म का विस्तार किया.
– सरकारी उपक्रमों द्वारा महिलाओं के स्वामित्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों से एक निर्धारित अनुपात में सामग्रियों की खरीद की जाएगी.
– ‘मुद्रा योजना’ के तहत 7,23,000 करोड़ रुपये के 15.56 करोड़ ऋण का वितरण हुआ.
– सरकार ने कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर राष्‍ट्रीय कार्यक्रम शुरू करने की परिकल्‍पना की.
– राजकोषीय घाटा कम होकर 3.4 प्रतिशत पर; औसत मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत, पांच वर्षों में एफडीआई 239 अरब डॉलर, बैंकों को तीन लाख करोड़ रुपये ऋण का भुगतान प्राप्त हुआ.
– इस वर्ष कर वसूली 2013-14 के 6.38 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपये हुई.

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