CBI ने राकेश अस्थाना को दी क्लीन चिट, आलोक वर्मा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

विशेष CBI जज संजीव अग्रवाल के समक्ष दायर चार्जशीट में CBI के डीएसपी देवेंद्र कुमार और RAW के चीफ एस के गोयल को भी क्लीन चिट दी है।

0
854

CBI ने घूसखोरी मामले में दुबई के कारोबारी और कथित बिचौलिये मनोज प्रसाद के खिलाफ दिल्ली की विशेष कोर्ट में चार्जशीट दायर की। इस मामले में CBI के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) का भी नाम शामिल था, लेकिन एजेंसी ने अस्थाना को क्लीन चिट दी है।

विशेष CBI जज संजीव अग्रवाल के समक्ष दायर चार्जशीट में CBI के डीएसपी देवेंद्र कुमार और RAW के चीफ एस के गोयल को भी क्लीन चिट दी है। देवेंद्र कुमार को 2018 में गिरफ्तार किया गया था, बाद में उन्हें जमानत दे दी गई थी।

कोर्ट बुधवार को अंतिम रिपोर्ट पर विचार करेगी। सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया है कि मामले की जांच अभी चल रही है और एजेंसी पूरक रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। प्रसाद को 17 अक्तूबर, 2018 में गिरफ्तार किया गया था और दिसंबर में उसे जमानत मिल गई थी।

CBI 60 दिन में रिपोर्ट दाखिल करने में असफल रही थी, जिसके बाद कोर्ट ने प्रसाद को सशर्त जमानत दी थी। CBI ने हैदराबाद के कारोबारी सतीश सना की शिकायत में अस्थाना के खिलाफ केस दर्ज किया था। सना मीट निर्यातक मोइन कुरैशी मामले में जांच का सामना कर रहा था।

अस्थाना (Rakesh Asthana) को क्लीन चिट मिलने के बाद CBI के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा (Alok Verma) के खिलाफ दुर्भावना और साजिश के तहत अपने ही अधिकारियों के खिलाफ झूठी FIR कराने की जांच हो सकती है। जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अब अस्थाना का CBI निदेशक बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here