दिल्ली में हिंसा प्रभावित नोर्थ ईस्ट जिले में कल बोर्ड के साथ -साथ अन्‍य कक्षाओं की परीक्षा स्‍थगित, सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूल रहेंगे बंद।

सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से पूर्वी दिल्‍ली के जितने भी स्‍कूल हैं वहां परीक्षा टाल दी है। जितने भी स्‍कूल हैं वहां बोर्ड के साथ -साथ अन्‍य कक्षाओं की परीक्षा स्‍थगित कर दी गई है।

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में उत्तर- पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार को सांप्रदायिक हिंसा हुई। प्रमुख तौर पर खजूरी, चांदबाग, मुस्तफाबाद, मौजपुर, बाबरपुर, जाफराबाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़को पर उतर कर पत्थरबाजी व गोलीबारी के जरिए विरोध कर रहे थे। इन इलाकों में स्थित स्कूलों में बहुत से स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से पूर्वी दिल्‍ली के जितने भी स्‍कूल हैं वहां परीक्षा टाल दी है। जितने भी स्‍कूल हैं वहां बोर्ड के साथ -साथ अन्‍य कक्षाओं की परीक्षा स्‍थगित कर दी गई है।

इस संबंध में डिप्‍टी सीएम (Deputy CM) और शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में हिंसा प्रभावित नोर्थ ईस्ट जिले में कल स्कूलों की गृह परीक्षाएं नहीं होंगी और सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। बोर्ड परीक्षाओं के सम्बंध में मैंने एचआरडी मंत्री @DrRPNishank जी से बात की है कि इस ज़िले में कल की बोर्ड परीक्षा भी स्थगित कर दी जाए।

सोमवार को 12वीं का शारीरिक शिक्षा और दसवीं के बच्चों के लिए ऊर्दू, पंजाबी, बंगाली, तमिल, तेलुगू, मराठी और अन्य भाषाओं की परीक्षा का आयोजन किया गया। ऐसे में सुबह के समय तो छात्र सही सलामत स्कूल पहुंच गए लेकिन दोपहर बाद स्थिति बिगड़ने लगी जिससे शिक्षकों, छात्रों व उनके परिजनों में डर का माहौल देखने को मिला।

इस हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने जहां खजूरी करावल नगर रोड पर स्थित आदर्श लखपत स्कूल, आरपी मॉडल स्कूल सहित दुकानों व घरो में आग लगा दी, वहीं दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल की मृत्यु भी हो गई। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एहतियात के तौर पर उत्तर- पूर्वी दिल्ली इलाके में स्थित स्कूलों में सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा को टालने का फैसला लिया है।

शिक्षा निदेशक बिनय भूषण ने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में आगजनी व तोड़फोड़ की घटना हुई है। वहां के हालात सामान्य नहीं है। बच्चों ने भय के माहौल में परीक्षा दी। जिसकी वजह से किसी भी बच्चें, शिक्षक व स्टाफ को नुकसान हो सकता है।

इसलिए उत्तर-पूर्वी दिल्ली के इलाकों में जहां-जहां परीक्षा हो रही है वहां जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते परीक्षा नहीं कराई जाएगी। परीक्षा को तिथियों को आगे बढ़ाया जाएगा। भूषण ने कहा कि उत्तर-पूर्वी इलाके के उपशिक्षा निदेशक को जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश देने के लिए कह दिया गया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक वह परीक्षा का आयोजन न करें। हालांकि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरफ से परीक्षा को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। सीबीएसई के मुताबिक इन परीक्षाओं का सुचारू रूप से सफल आयोजन किया गया।

शिक्षा निदेशालय की परीक्षा विभा ने सर्कूलर जारी कर बताया कि कक्षा सातवीं, आठवी व 11वीं कि 25 फरवरी को होने वाली परीक्षा टाल दी गई है। निदेशालय ने सर्कूलर में नई तिथियां जारी की है।

वहीं CBSE ने देर रात Tweet कर जानकारी दी कि मंगलवार को दिल्ली के पश्चिमी भाग में 18 केंद्रों में चार व्यावसायिक विषयों की केवल बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं हैं। मंगलवार को होने होने वाली परीक्षा में दिल्ली के उत्तर पूर्वी हिस्से में कोई केंद्र नहीं हैं।

उधर, शिक्षकों ने भी ऐसे हालात के बीच बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। अध्यापक शक्ति मंच ने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया कि पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा के चलते लाखों छात्रों सहित हजारों शिक्षक भी फंसे हुए हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर इनकों घर पहुंचाया जाए और ऐसी स्थिति में स्कूलों को बंद किया जाए और परीक्षा को रद्द करा जाए। वहींं, सरकारी स्कूल शिक्षक संघ के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि पूर्वी दिल्ली इलाके में हिंसा बहुत ही निंदनीय है। प्रभावित इलाकों में सोमवार को हुई परीक्षा रद्द की जाए। छात्रों व शिक्षकों को सुरक्षित घर पहुंचाया जाए।

दिल्ली में बने गंभीर हालातों के मद्देनजर हमारी दिल्ली पुलिस से बात हुई है। पुलिस की ओर से बोर्ड परीक्षाओं के बिना किसी रूकावट के आयोजन का आश्वासन दिया है। हमारी परीक्षाएं निर्धारित समय पर निर्धारित परीक्षा केंद्र पर होंगी। दो दिन तक हालात सामान्य हो जाने चाहिए।

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