भाजपा से चैंपियन की छुट्टी, हो सकती है बड़ी कार्रवाई, एसएसपी ने मांगी रिपोर्ट।

विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और उनके परिजनों के नाम पर जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण की संभावना जताई जा रही है।

0
117

शराब पीते हुए हथियार लहराने और प्रदेश को अपशब्द बोलने वाले वीडियो के वायरल होने के बाद खानपुर से विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (Kunwar Pratap Singh Champion) की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, उनके और उनके परिजनों के नाम पर जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण की संभावना जताई जा रही है।

इस मामले में एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने मंगलौर कोतवाली से रिपोर्ट तलब की है, 3 दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (Kunwar Pratap Singh Champion) राइफल और पिस्टल लहराते दिखाई दे रहे हैं। उनके इस आचरण को गंभीरता से लेते हुए भारतीय जनता पार्टी में 2 दिन से काफी हलचल रही।

बुधवार को उनके निष्कासन की प्रक्रिया का दावा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा किया गया। इसके साथ ही पुलिस ने भी लहराते हुए दिखाए गए शस्त्रों की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने बताया कि विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (Kunwar Pratap Singh Champion) के आवास लंढौरा क्षेत्र की मंगलौर कोतवाली से उनके शस्त्र लाइसेंसों के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।

अगर जांच के दौरान यह पाया गया कि उन्होंने इन संस्थाओं का दुरुपयोग किया है तो जिलाधिकारी से उनके निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि वीडियो की भी जांच की जा रही है।

वहीं दूसरी तरफ हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदौरिया कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (Kunwar Pratap Singh Champion) के बचाव में आगे आए हैं, गुरुवार को अरुण सिंह भदोरिया ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को चैंपियन के समर्थन में पत्र भेजा है, कहा गया है कि जिस वीडियो का आधार बनाकर उन्हें निष्कासित कराने के लिए भाजपा हाईकमान पर दबाव डाला गया वह बहुत पुराना वीडियो है, इससे उसका और प्रणव के सार्वजनिक जीवन से कोई सरोकार नहीं है।

अरुण भदौरिया ने यहां तक आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के खिलाफ साजिश रचने वाले भाजपा के कुछ नेताओं ने जानबूझकर इस वीडियो को ऐसे समय पर जारी कराया। जब कुंवर प्रणव चैंपियन ने अपने क्षेत्र में विकास कराने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित कराने की योजना को मंजूरी दिला दी है

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार को स्थिर करने के लिए और प्रणव के माध्यम से साजिश रची जा रही है विधायक के समर्थन में लिखी गई इस चिट्ठी में शराब का समर्थन किया गया है, इसे राजा महाराजाओं का पुराना शौक बताया गया है। अरुण भदौरिया का कहना है कि जरूरत पड़ी तो वो चैंपियन के समर्थन में कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here