चंडीगढ़: 850 शिक्षकों की नौकरी का टला खतरा, कैट (CAT) ने दी राहत।

Chandigarh CAT Verdict- कैट ने UT प्रशासन के 850 JBT और TGT की नौकरी समाप्त करने के फैसले को निरस्त कर दिया है।

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Chandigarh: साल 2014 में भर्ती, 850 जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) और ट्रेन्ड ग्रेजुएट टीचर (TGT) को केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण (CAT) ने सोमवार को बड़ी राहत दी है। कैट ने UT प्रशासन के 850 JBT और TGT की नौकरी समाप्त करने के फैसले को निरस्त कर दिया है। CAT ने अपने आदेश में कहा है कि 850 में से जिन शिक्षकों के नाम FIR में दर्ज नहीं हैं, उनकी नौकरी खत्म करने का फैसला संविधान के खिलाफ है।

CAT ने प्रशासन के इस फैसले को गैरकानूनी, मनमाना और संविधान के आर्टिकल 14, 16, 21 और 311 का उल्लंघन बताया है। हालांकि, आदेश में UT प्रशासन से कहा गया है कि जिन शिक्षकों के नाम FIR में नहीं हैं, उनके खिलाफ रेगुलर जांच की जा सकती है। यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

लंबे समय से चली आ रही सुनवाई के बाद CAT ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। CAT के आदेश सुनाते ही 2014 से नौकरी की आस में बैठे शिक्षकों ने एक-दूसरे को बधाई दी।

वर्ष 2014 में चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने 1150 शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी। Merit के आधार पर 2015 में 1150 JBT और TGT की नियुक्ति की गई। पंजाब विजिलेंस (Punjab Vigilance) की जांच में पता लगा था कि भर्ती की लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों के पास पहुंच गया था। लीक पेपर के लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से 7-7 लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस (Punjab Vigilance) के समक्ष आरोपी दिनेश यादव ने टीचर भर्ती में धांधली की बात कबूली थी।

पंजाब विजिलेंस (Punjab Vigilance) की रिपोर्ट में शिक्षक भर्ती घोटाले के उजागर होने पर UT प्रशासन ने जांच के लिए UT पुलिस की SIT बनाई थी। तत्कालीन एसपी रवि कुमार के नेतृत्व में SIT ने मामले की जांच की।

इसके बाद UT पुलिस ने 29 जुलाई 2016 को मामले में केस दर्ज किया। SIT ने पंजाब विजिलेंस (Punjab Vigilance) की ओर से गिरफ्तार दिनेश कुमार यादव और प्रदीप लोचन को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर चार दिन का रिमांड लेकर पूछताछ की थी।

इसके बाद पुलिस टीमों ने छापेमारी कर मामले के एक अन्य आरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को हरियाणा के भिवानी से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अहम तथ्य हाथ लगने पर SIT ने कई सरकारी टीचरों समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

पंजाब पुलिस ने 17 मई को तेलंगाना पुलिस की मदद से संजय श्रीवास्तव उर्फ मिथिलेश पांडेय और शिव बहादुर को गिरफ्तार किया था। भर्ती घोटाले में दर्ज FIR में सरकारी व गैर सरकारी करीब 49 लोगों को नामजद किया गया था।

UT शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली होने पर UT प्रशासक को पूरी भर्ती निरस्त किए जाने के लिए लिखा था। इस मामले में गठित कमेटी ने सभी 850 शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने की सिफारिश की। इसके बाद 30 मई 2018 को 850 शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने के आदेश जारी किए गए, लेकिन शिक्षकों ने UT प्रशासन के आदेश के खिलाफ अदालत से स्टे (Stay) ले लिया था।

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