अमेरिका के शिकागो में तापमान -32 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। लोगों को घर से बाहर न निकलने की अपील।

अमेरिका के मौसम विभाग ने तापमान के -70 डिग्री पहुंचने के चेतावनी जारी की है। पेट्रोलिंग करने वाले अफसर इसे अमेरिका की ऐतिहासिक ठंड बता रहे हैं।

0
762
Chicago Frozen

उत्तरी ध्रुव (North Pole) के बर्फीले इलाके आर्कटिक (Arctic) से कड़कड़ाती हवा से अमेरिका (America) के 12 राज्यों में जमकर बर्फबारी हो रही है। इसके चलते अमेरिका में अंटार्कटिका (Antarctica) से भी ज्यादा ठंड हो गई। अमेरिका के कई इलाकों में तापमान शून्य से 32 डिग्री तक नीचे जा चुका है। मौसम विभाग ने कहा है कि इन राज्यों में इस पीढ़ी की सबसे ज्यादा ठंड पड़ने वाली है।

जानलेवा सर्दी का असर लाखों लोगों पर पड़ा है। स्कूल बंद कर दिए गए हैं। हजारों उड़ानें और दर्जनों ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से घर पर रहने को कहा है। अमेरिका में सर्दी का सबसे ज्यादा कहर शिकागो में पड़ा है। यहां की नदी जम चुकी है। ठंड से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को काफी हद तक शटडाउन सा कर दिया है।

अमेरिका के शिकागो में बुधवार को माइनस 32 डिग्री सेल्सियस तापमान है। शिकागो अंटार्कटिका से भी ज्यादा ठंडा है। बुधवार को ही अंटार्कटिका के प्रिस्टले ग्लेशियर का न्यूनतम तापमान माइनस 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो शिकागो से कम है।

अमेरिका के मौसम विभाग ने तापमान के -70 डिग्री पहुंचने के चेतावनी जारी की है। पेट्रोलिंग करने वाले अफसर इसे अमेरिका की ऐतिहासिक ठंड बता रहे हैं।
 
नार्थ डकोटा में पुलिस ने ज्यादातर दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया है। हालांकि कुछ ग्रॉसरी स्टोर और गैस स्टेशन खुले रखने की अपील की है ताकि लोगों को परेशानी न हो।
अमेरिका के विसकॉन्सिन, मिशिगन और इलिनॉय में कड़ाके की ठंड के चलते आपातकाल घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा मिसिसिपी और अलबामा, मिनेसोटा, नॉर्थ डकोटा, साउथ डकोटा, कंसास, मिसौरी और मोंटाना में भी जमकर सर्दी पड़ रही है।  

अमेरिका के मौसम विभाग ने लोगों को घर से बाहर न निकलने की अपील की है
साथ ही गहरी सांस न लेने और कम बात करने की चेतावनी जारी की गई है
बाहर निकलने पर लोग कुछ ही मिनटों के भीतर शीतदंश (फ्रॉस्टबाइट) का शिकार हो सकते हैं
शीतदंश उस स्थिति को कहते हैं जब अत्यधिक ठंड में शरीर सुन्न होकर खराब होने लगते हैं
आम तौर पर चेहरा, हाथ और पैर शीतदंश के शिकार होते हैं, इससे नसें जमने लगती हैं
 शीतदंश का शिकार होने वाले अंगों का रंग गहरा नीला या काला पड़ जाता है
जान बचाने के लिए लोगों के हाथ और पैरों को काटना तक पड़ सकता है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here