मुख्य सचिव बंदोपाध्याय रिटायर, मुख्य सलाहकार नियुक्त कर ममता ने केंद्र को दिया झटका

बंदोपाध्याय को सोमवार सुबह 10 बजे केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय में हाजिर होना था। मंत्रालय ने बंगाल सरकार को उन्हें तत्काल रिलीव करने का आदेश दिया था।

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केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय के दिल्ली तबादले और उन्हें सोमवार को दिल्ली पहुंचने के आदेश की अवज्ञा करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दांव चल दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि चूंकि बंदोपाध्याय आज रिटायर हो गए हैं, इसलिए उन्हें अब मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है।  वे अगले तीन साल तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार रहेंगे। इसके साथ ही हरिकृष्ण द्विवेदी को बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है।  

ममता बनर्जी ने सोमवार दोपहर बाद ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी। ममता बनर्जी ने कहा कि अलपन बनर्जी (बंदोपाध्याय को संक्षेप में बनर्जी कहा जाता है) को नबाना (हावड़ा स्थित पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्यालय) नहीं छोड़ने दूंगी। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उन्होंने बंदोपाध्याय का तबादला आदेश निरस्त करने का आग्रह करते हुए केंद्र सरकार व पीएम मोदी को जो पत्र लिखा था, उसका जवाब भी मिल गया है। केंद्र ने बंदोपाध्याय को मंगलवार को दिल्ली स्थित नार्थ ब्लॉक पहुंचने व वहां ज्वाइन करने का निर्देश दिया था।

इस बीच केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया कि जल्द ही कार्मिक मंत्रालय अलपन बंदोपाध्याय को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। उनसे पूछा जाएगा कि वे केंद्र के आदेश के बावजूद दिल्ली में ज्वाइन करने क्यों नहीं पहुंचे।

इससे पहले केंद्र के आदेश का पालन नहीं करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को रिलीव नहीं किया। बंदोपाध्याय को सोमवार सुबह 10 बजे केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय में हाजिर होना था। मंत्रालय ने बंगाल सरकार को उन्हें तत्काल रिलीव करने का आदेश दिया था। 

बंदोपाध्याय को कोरोना महामारी के चलते हाल ही में ममता सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने तीन माह का सेवा विस्तार दिया था। वैसे वह 31 मई को रिटायर होने वाले थे। इस बीच ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को सोमवार को फिर पत्र लिखकर मुख्य सचिव बंदोपाध्याय को केंद्रीय सेवाओं में वापस बुलाने का आदेश निरस्त करने का आग्रह किया था। इसके साथ ही यह भी लिखा कि उनकी सरकार राज्य के शीर्ष अधिकारी को रिलीव नहीं कर रही है। ममता ने कहा कि राज्य सरकार के बिना परामर्श के कैसे उन्हें बुलाने का एकतरफा आदेश जारी कर दिया गया। 

अलपन बंदोपाध्याय 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे ममता बनर्जी को हमेशा ‘मैडम सीएम’ कह कर पुकारते हैं और यहां तक कि बैठक में सीएम के आने पर वह कुर्सी से खड़े हो जाते हैं। हालांकि सीएम ममता बनर्जी उन्हें इसके लिए कई बार टोक चुकी हैं कि वे ऐसा न किया करें। बंदोपाध्याय नियमों का पालन करने वाले अधिकारी हैं और उनके प्रशासकीय अनुभव की ममता भी दाद देती हैं। 

केंद्र की कई बैठकों, जिनमें ममता खुद शामिल नहीं होतीं, वह हाजिर होकर पक्ष रखते रहे हैं, लेकिन केंद्र व ममता सरकार के बीच टसल में पहली बार वह केंद्र बने हैं। देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल व केंद्र सरकार के बीच यह मामला कहां तक जाता है। 

ममता सरकार ने इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद भी बंगाल के तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्र के आदेश के बाद भी रिलीव नहीं किया था। 

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