चीन की रफ़्तार पर लगेगी लगाम, जल्द बढ़ेगी भारत की सकल घरेलु उत्पाद दर

0
397
GDP INDIA

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) जैसे 2 झटकों के बाद अब भारत की अर्थव्यवस्था बढऩी चाहिए, जबकि चीन की अर्थव्यवस्था री रफ्तार कम होने की संभावना है बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ बढ़ रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार पकड़ती तेजी पर एक और वैश्विक संस्था ने मुहर लगाई है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

अगले सप्ताह अर्जेंटीना में आयोजित होने वाली जी-20 की वित्त मंत्रियों की बैठक से पहले अपने जी-20 निगरानी नोट ‘वैश्विक संभावनाएं और नीतिगत चुनौतियां’ में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा वैश्विक ग्रोथ के वापस कमजोर रुख की ओर लौटने का अनुमान है इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। फिच के मुताबिक, धन आपूर्ति के मामले में सुधार देखा गया है और यह निरंतर बढ़ रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अमरीका में कर बदलावों और ऊंचे संघीय वित्तीय खर्च तथा बेहतर बाह्य मांग के चलते अर्थव्यवस्था में ऊंची वृद्धि का अनुमान है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here