महाराष्ट्र संकट : NCP, कांग्रेस और शिवसेना को विधायकों के टूटने का डर, BJP पर लगाया खरीद फरोख्त का आरोप

कांग्रेस नेता विजय वादेत्तिवार ने शुक्रवार को भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायकों को पाला बदलने के लिए 25 से 50 करोड़ रुपये तक ऑफर किए जा रहे हैं।

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Maharashtra- महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी कलह के बीच कांग्रेस (Congress), एनसीपी (NCP) के साथ ही शिवसेना (Shiv Sena) को भी अपने विधायकों के टूटने का डर सता रहा है। कांग्रेस ने जहां अपने विधायकों को जयपुर भेजने का फैसला किया है तो वहीं शिवसेना ने अपने 56 विधायकों को शुक्रवार शाम बांद्रा के रंग शारदा होटल की जगह मलाड स्थित द रीट्रीट होटल में ठहराया है। वहीं, एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी अपने विधायकों को एकजुट करने में जुट गए हैं।

कांग्रेस नेता विजय वादेत्तिवार ने शुक्रवार को भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायकों को पाला बदलने के लिए 25 से 50 करोड़ रुपये तक ऑफर किए जा रहे हैं। इस बारे में विधायकों ने उन्हें फोन पर जानकारी दी है।

हमने अपने विधायकों को ऐसे फोन कॉल रिकॉर्ड करने को कहा है ताकि जनता को सच्चाई पता चल सके। वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहेब थोराट ने कहा कि सरकार गठन को लेकर तस्वीर साफ नहीं होने पर खरीद फरोख्त की संभावना बढ़ गई है।

इसलिए ही शिवसेना ने अपने विधायकों को होटल में ठहरा रखा है। वहीं, एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटील ने कहा कि हमारे विधायकों को लालच दिया जा रहा है। लेकिन कोई लालच में नहीं आएगा क्योंकि उन्हें जनता को जवाब देना है। वहीं, विधायकों को होटल में ठहराने के फैसले पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरी पार्टी के विधायकों को कहां ठहराना है, यह मेरा अधिकार है।

भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी नेता सुबूत पेश करें कि भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विधायकों को तोड़ने का झूठा दावा कर कांग्रेस ने अपने ही विधायकों का अपमान किया है। क्या इसका मतलब है कि कांग्रेस ने अपने विधायकों को बिक्री के लिए रखा है। जो लोग ऐसा दावा कर रहे हैं, उनके कॉल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने चाहिए।

एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि महाराष्ट्र राष्ट्रपति शासन की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद मुझे लगता है कि एक महीने में चीजें सामान्य हो जाएंगी। किसी (भाजपा-शिवसेना) को सरकार गठन के लिए अपने रुख से पीछे हटना पड़ेगा। वहीं, पार्टी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि भाजपा राष्ट्रपति शासन लगाकर राज्य को पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह द्वारा चलाना चाहती है। यह जनादेश का अपमान है। महाराष्ट्र इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल ने कहा कि सरकार बनाने को लेकर अन्य दलों को कांग्रेस और एनसीपी का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति से निपटने का केवल एक तरीका है। दूसरे दलों को कांग्रेस व एनसीपी को बताना चाहिए कि वे सरकार गठन में उनका समर्थन करेंगे। इसके बाद यह गतिरोध दूर हो सकता है।

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