चीन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हुई, भारत की अपील, ने 250 भारतीय छात्र वापस भेजो।

भारत ने चीन से कहा, कोरोना वायरस (Coronavirus) के गढ़ वुहान में फंसे 250 से ज्यादा भारतीय छात्रों को वहां से जाने की इजाजत दे।

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Coronavirus- चीन से शुरू होकर 10 से अधिक देशों में फैल चुके कोरोना वायरस (Coronavirus) से 15 और मौत हो गई हैं। चीन के स्वास्थ्य आयोग के अनुसार सभी मौतें चीन के शहर वुहान में हुई जो संक्रमण का केंद्र है। शनिवार को 400 नए संक्रामक रोगी इसकी चपेट में आए। इन्हें मिलाकर कोरोना वायरस (Coronavirus) अब तक 56 लोगों को लील चुका है और करीब 2000 इससे संक्रमित हैं।

इनमें से 237 की हालात बेहद खराब बताई जा रही है। इसके अलावा 1,965 लोगों को संदिग्ध रोगी मानते हुए निगरानी में रखा गया है। वहीं भारत ने चीन से कहा, कोरोना वायरस (Coronavirus) के गढ़ वुहान में फंसे 250 से ज्यादा भारतीय छात्रों को वहां से जाने की इजाजत दे।

आम नागरिकों पर भी इसका बुरा असर हो रहा है। चीन द्वारा शनिवार को नए शहरों में आवागमन रोका, जिसके बाद यहां के 18 शहरों के 5.6 करोड़ लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं, उनकी आवाजाही थम गई है। वुहान जैसे शहरों में, जहां पहले से प्रतिबंध लगाए गए थे, उन्हें कड़ा कर दिया गया है। आधी रात से सभी तरह के यातायात पर भी पाबंदी लगा दी है।

इन शहरों को हाइवे को जोड़ते मार्ग बंद कर दिए गए हैं। केवल कुछ क्षेत्रों में सप्लाई ट्रकों व बसों को निर्धारित रूट पर आवागमन की अनुमति दी गई है। हालांकि इससे नागरिकों के लिए समस्याएं बढ़ गई हैं। एक गर्भवती महिला ने सोशल मीडिया पर चीन सरकार पूछा कि प्रसव की तारीख निकट है, क्या वह पैदल चलकर अस्पताल पहुंचे?

वहीं वुहान (Wuhan) के प्रशासन ने दावा किया है कि वह अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं मुहैया करवा रहा है, जिनकी कमी हो रही है। बंद किए गए शहरों में सेना के 40 और चिकित्सकों को लगाया गया है, अब तक सेना के 450 चिकित्सक इस काम में लगाए गए हैं। विदेशों से दानस्वरूप मिल रही वस्तुओं को टैक्स से बाहर किया गया है।

चीन की राजधानी में बीजिंग में 34 संक्रमित पाए गए हैं। वहीं चीन में 1 हजार बेड का अस्पताल 10 दिन में तैयार करने का लक्ष्य बनाया गया है, जिसमें काम कर रहे श्रमिकों को सामान्य से तीन गुना (173 डॉलर प्रतिदिन) मजदूरी दी जा रही हैं। वहीं देश भर में संक्रमित लोगों की पहचान के लिए अभियान शुरू किया गया है।

इसके तहत ट्रेन, बस और विमानों में जांच की जा रही है। इसके अलावा हांगकांग की नेता कैरी लाम ने शनिवार को वायरस आपातकाल की घोषणा की। उन्हाेंने चीन के मुख्य भूभाग में जाने के सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए, वुहान व हांगकांग के बीच उड़ान व रेल रोकी गई हैं।

चीन में संक्रमित लोगों के इलाज में जुटे एक डॉक्टर की मौत भी शनिवार को हो गई। वे पहले डॉक्टर हैं, जिनकी इन मरीजों की सेवा करते हुए मौत हुई। 62 साल के सर्जन लियांग वूडॉन्ग हुबई के शिनहुआ अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहे थे। शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि वे पिछले हफ्ते वुहान के जिनयिंतन अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहे थे, उसी समय संक्रमण की चपेट में आ गए।

लांसेट मेडिकल जर्नल ने रिसर्च प्रकाशित कर दावा किया है कि चीन के शेनझेन शहर के एक परिवार में सभी में संक्रमण मिला है। इस परिवार के पांच लोग हाल ही में वुहान से लौटे थे। जांच के दौरान पाया गया कि एक बच्चे में कोरोना वायरस मौजूद था, लेकिन उसमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं थे। यह साबित करता है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण फैलता रहा और लोगों को पता नहीं चला।

संक्रमित मरीजों में एक दो वर्ष की बच्ची भी मिली है। उसे अब तक का सबसे कम उम्र रोगी माना जा रहा है। उसे उसका परिवार मंगलवार को वुहान से हेची लाया था। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। इससे पहले एक 36 वर्षीय युवा की मौत हो गई थी। वहीं चीन के अनुसार अधिकतर मृतक 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं।

चीन के डॉक्टर वांग गुआंगफा का कहना है कि कोरोनावायरस (Coronavirus) आंखों से फैलता है। वांग को डर है कि उन्होंने अस्पताल में चश्मा नहीं पहना था जिसके चलते वे इस संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। वहीं इस पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों का भी कहना है कि इस रोग से ग्रसित मरीज को छूने के बाद हाथ से अपनी आंखों को छूने पर संक्रमण फैल रहा है।

इसके अलावा वैज्ञानिकों छींक और कफ से निकलने वाले विषाणु आंखों तक पहुंच व्यक्ति को रोगी बना रहे हैं। इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन के वायरस जिनोमिक्स के प्रोफेसर पॉल केल्लम का कहना है कि ऐसा संभव है। सावधानी इसी में है कि नाक और मुंह के लिए मास्क और आंखों के लिए चश्मा पहनें। इसी में सावधानी है।

यूरोप में कोरोना वायरस (Coronavirus) के पहुंचने के साथ ही ब्रिटेन की सरकार और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। ब्रिटेन में अभी एक व्यक्ति में इस वायरस की पुष्टि हुई है। इसके बाद ब्रिटेन सरकार ने पिछले दो हफ्तों में वुहान से ब्रिटेन लौटे दो हजार लोगों की तलाश तेज कर दी है।

इंग्लैंड के चीफ मेडिकल अफसर ने बताया कि अभी एक व्यक्ति माइकल होप (45) जो आर्ट टीचर हैं, इनमें वायरस पुष्टि हुई है जो रविवार को वुहान से लौटे थे। फ्रांस में भी इस रोग से ग्रसित तीन लोगों का इलाज चल रहा है। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया में तीन मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है जिनका इलाज चल रहा है। इनमें एक चीनी नागरिक है। अमेरिका में भी दो लोगों में इसकी पुष्टि हुई है।

चीन जापान 2, थाईलैंड 5, दक्षिण कोरिया 2, अमेरिका 2, ऑस्ट्रेलिया 4, फ्रांस 3, मलयशिया 3, सिंगापुर 3, नेपाल 1, वियतनाम 2, ब्रिटेन में 1 रोगी में इसकी पुष्टि हुई है।

वुहान यूनिवर्सिटी (Wuhan University) और हुबई के अन्य संस्थानों में पढ़ रहे 700 भारतीय विद्यार्थी अब भी वहीं फंसे हैं। भारतीय दूतावास भारतीयों से संपर्क में जुटा है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को पीएमओ में नए रहस्यमयी कोरोनावायरस (Coronavirus) और भारत में इससे बचाव के उपायों को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। उन्हाेंने बताया कि चीन से लौटे सात लोगों को निगरानी में रखा गया है।

उनके सैंपल पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्हाेंने उत्तराखंड के सीएम से भी बात की और नेपाल से लगती सीमा से रोगियों की स्क्रीनिंग के लिए सभी तरह के सहयोग का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में किसी भी रोगी पुष्टि अब तक नहीं हुई है। वहीं एनआईवी के साथ साथ मेडिकल रिसर्च काउंसिल की 10 लैब में इस वायरस के सैंपल जांचे जा सकते हैं।

पाकिस्तान में शनिवार को एक चीनी नागरिक को कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के संदेह में अस्पताल भेजा गया है। 40 साल के फेंगफन मुल्तान में काम करते हैं और वुहान से 10 दिन पहले लौटे थे। उन्हें निश्तर अस्पताल में आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। उनकी हालत स्थित बताई जा रही है। दूसरी ओर चीन में पढ़ रहे पाकिस्तान के 28 हजार छात्रों को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं।

चीन की राजधानी में बीजिंग में कोरोनावायरस (Coronavirus) के 34 मामलों की पुष्टि के बाद अब शहर की हदों में बसों के प्रवेश करने व बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। चीनी अधिकारियों ने इसे महामारी रोकने के लिए उठाया कदम बताया गया है। दूसरी ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पोलित ब्यूरो की बैठक ली, जिसमें हालात से लड़ने पर चर्चा की गई।

चीन ने घोषणा की है कि वह बीमारों की अलग से देखभाल के लिए 15 दिन में दूसरा नया अस्पताल बनाएगा। इससे पहले शुक्रवार को वुहान में एक हजार बेड का निर्माण शुरू किया गया, जिसे 3 फरवरी तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरा अस्पताल 1300 बेड का होगा और इसे भी वुहान में बनाया जाएगा। चीन के इस कदम से आशंका जताई जा रही है कि यहां मरीजों की संख्या सरकार द्वारा बताई जा रही संख्या से कहीं अधिक हो सकती है।

चीन समेत दुनियाभर में हाहाकार मचाने वाले जानलेवा कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शनिवार को बैठक की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की अगुआई में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कोरोना की चुनौतियों से निपटने के उपायों के बारे में बताया।

बैठक पीएम मोदी के निर्देश पर आयोजित की गई थी। बैठक में कैबिनेट, गृह, विदेश, रक्षा, स्वास्थ्य, नागरिक उड्डयन के सचिवों समेत कई अन्य शीर्ष अफसरों ने शिरकत की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों ने बताया कि अस्पतालों, प्रयोगशालाओं को तैयार रहने को कहा गया है और इसके लिए प्रशिक्षित टीम भी बनाई गई है।

हालात पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय करीब से नजर रख रहा है। वहीं, देश के सातों अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेश से आने वाली 115 उड़ानों के 20 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉली को वायरस के परीक्षण के लिए पूरी तरह तैयार कर दिया गया है और देश के सभी राज्यों और जिला स्वास्थ्य प्रशासनों को अलर्ट जारी कर दिया गया है।

भारत ने चीन से कहा, कोरोना वायरस (Coronavirus) के गढ़ वुआन में फंसे 250 से ज्यादा भारतीय छात्रों को वहां से जाने की इजाजत दे। बताया जा रहा है कि वुहान और उसके आसपास के इलाकों की अलग-अलग यूनिवर्सिटी में करीब 700 भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मेडिकल के छात्र हैं। कुछ छात्र 23 जनवरी को सील किए जाने से पहले वुहान से निकलने में कामयाब रहे।

इस बीच, केंद्र सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई एक जनवरी के बाद चीन से भारत आया है तो वह खुद इस बारे में संबंधित प्रशासन को जानकारी दे। अगर ऐसे लोगों को बुखार, कफ और सांस लेने में तकलीफ जैसे कोरोना वायरस के कोई लक्षण नजर आते हैं तो फौरन इसकी जानकारी प्रशासन को दें। इसके लिए सरकार ने 24 घंटे हेल्पलाइन (+91-11-23978046) भी शुरू की है।

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