COVID-19: पांच दिन में ही छह लाख से अधिक संक्रमित, देश के 45 फीसदी कोरोना सक्रिय मरीज 10 जिलों में

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया, देश के 45 फीसदी सक्रिय मरीज 10 जिलों में हैं। मंत्रालय का कहना है कि दूसरी लहर का असर हर राज्य में दिखाई नहीं दे रहा है

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देश में हर दिन कोरोना वायरस पहले से और अधिक घातक होता जा रहा है। पिछले पांच दिन में ही इस वायरस ने छह लाख से ज्यादा भारतीयों को अपनी चपेट में लिया है। वहीं पिछले एक दिन में सबसे अधिक 1.45 लाख मामले सामने आए हैं। दुनिया के बाकी देशों की तुलना में यह दोनों ही आंकड़े सबसे ज्यादा हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया, देश के 45 फीसदी सक्रिय मरीज 10 जिलों में हैं। मंत्रालय का कहना है कि दूसरी लहर का असर हर राज्य में दिखाई नहीं दे रहा है लेकिन 10 राज्य सबसे बुरे दौर का सामना भी कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार पिछले एक दिन में 1,45,384 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं।

इनमें 83 फीसदी मरीज महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान में ही मिले हैं। अकेले महाराष्ट्र में 58,993, छत्तीसगढ़ में 11,447 और उत्तर प्रदेश में 12,787 मामले सामने आए हैं। इसी के साथ ही सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 10,46,631 हो चुकी है। मालूम हो कि पिछले साल 16-17 सितंबर को जब देश में सबसे ज्यादा 97 हजार मरीज एक दिन में मिल रहे थे उस दौरान सक्रिय मरीजों की संख्या 10 लाख से अधिक थी लेकिन इस साल यह आंकड़ा अप्रैल में ही सामने आ चुका है।

आंकड़ों के अनुसार, देश में फिलहाल कोरोना की सक्रिय दर 7.93 फीसदी है। पिछले एक दिन में ही 67,023 सक्रिय मरीज बढ़े हैं जो अब तक के अनुभव में सबसे ज्यादा हैं। इनके अलावा पिछले एक दिन में 77,567 डिस्चार्ज भी किए गए लेकिन इससे रिकवरी दर को फायदा नहीं हुआ है। हर दिन नए मामले बढ़ने से रिकवरी दर भी घटकर 90.80 फीसदी तक आ चुकी है। शुक््रवार को देश में 794 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हुई है जिनमें से 87 फीसदी मौतें उन्हीं 10 राज्यों में हुई हैं जहां सबसे ज्यादा कोरोना के मामले मिल रहे हैं।

आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस की दूसरी लहर में सात गुना से भी अधिक लोगों की मौत होने लगी है। मार्च के पहले सप्ताह तक देश में औसतन 100-120 लोगों की मौत हो रही थी लेकिन अब यह आंकड़ा 780-794 तक पहुंच चुका है। यही हाल पिछले वर्ष जून-जुलाई से लेकर नवंबर माह तक देखने को मिल रहा था। उस दौरान औसतन एक दिन में 500 लोगों की मौत हुई है। देश में सबसे ज्यादा एक दिन में 1100 से अधिक लोगों की मौत सितंबर माह में हुई थीं।

महामारी की दूसरी लहर का सामने कर रहे देश में फिलहाल कोविड-19 जांच में स्थिरता नहीं आ रही है। आईसीएमआर के आंकड़ें ही बताते हैं कि 2400 से अधिक लैब में जांच सुविधा होने के बाद भी पिछले एक दिन में 11.47 लाख सैंपल की जांच हुई है जबकि उससे एक दिन पहले यह आंकड़ा 13 लाख से भी अधिक था। वर्तमान स्थिति देखें तो भारत एक दिन में 20 लाख सैंपल की आरटी पीसीआर जांच करने की क्षमता रखता है लेकिन क्षमता का 50 से 60 फीसदी इस्तेमाल ही हो पा रहा है।

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