टेस्ट क्रिकेट मानसिक युद्ध कि तरह है, इसकी शुरूआत दादा की टीम ने की थी – विराट कोहली

टीम में बदलाव सौरव गांगुली के दौर में आना शुरू हुआ था तथा मौजूदा टीम ने कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से उसे आगे बढ़ाया है।

0
743

भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में पारी और 46 रन से मैच जीतने के बाद कहा कि टीम में बदलाव सौरव गांगुली के दौर में आना शुरू हुआ था तथा मौजूदा टीम ने कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से उसे आगे बढ़ाया है।

गुलाबी गेंद से देश में खेले गये पहले टेस्ट में जीत के साथ टीम ने इस श्रृंखला को 2-0 से अपने नाम किया। भारत ने इससे पहले इंदौर में श्रृंखला के शुरुआती मुकाबले को पारी और 130 रन से जीता था। यह भारत की घरेलू श्रृंखला में लगातार 12वीं जीत है जिससे टीम ने ICC विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के शीर्ष पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है।

कोहली ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, ” टेस्ट क्रिकेट मानसिक युद्ध कि तरह है। हमें इसमें बने रहने के लिए जुझारू होना होगा। इसकी शुरूआत दादा (सौरव गांगुली) की टीम से हुई थी। खुद पर भरोसा सफलता की कुंजी है और ईमानदारी से कहूं तो हमने इस पर काफी मेहनत की है। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज शानदार लय में है। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव की तिकड़ी ने दूसरे टेस्ट में सभी बल्लेबाजों को चलता किया।

कप्तान कोहली ने कहा कि घरेलू मैचों में तेज गेंदबाजों को इसलिए सफलता मिल रही क्योंकि उन्हें खुद पर भरोसा है कि वे किसी भी परिस्थिति में विकेट चटका सकते हैं। उन्होंने कहा, ”यह वैसा ही है जैसे जब हम विदेशों में खेलते है तो उन्हें अच्छा करने का भरोसा होता है। जिस तरह से ये गेंदबाजी कर रहे हैं उससे वे कही भी विकेट निकाल सकते है। स्पिनरों के लिए भी यह ऐसा ही है। वे विदेशों में भी विकेट चटकाने के बारे में सोचते हैं। हम मौके का फायदा उठाने के लिए तैयार हैं और इसका लुत्फ उठा रहे हैं।

मैच के दौरान तीनों दिन स्टेडियम लगभग पूरा भरा हुआ था और कोहली ने इसके लिए दर्शकों का शुक्रिया किया। उन्होंने कहा, ” यह शानदार है, संख्या बढ़ती गयी। हमने सोचा नहीं था कि आज इतनी संख्या में लोग आयेंगे क्योंकि हम जीत दर्ज करने के करीब थे। इन दर्शकों ने कमाल का उदाहरण पेश किया है। मैं फिर से दोहराना चाहता हूं कि टेस्ट मैचों के स्थलों को सीमित करने का यह शानदार उदाहरण है। पहली पारी में 22 रन देकर पांच और दूसरी पारी में 56 रन देकर चार विकेट लेकर मैन आफ द मैच बने इशांत शर्मा ने कहा कि गुलाबी गेंद से शुरुआत में उन्हें परेशानी हुई थी।

श्रृंखला में 12 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कहा, ” पिछले मैच में हमने गेंद को आगे टप्पा खिलाना शुरू किया था। मैंने और मेरे गेंदबाजी कोच ने इस बारे में बात की थी। यह महज संयोग नहीं था। गुलाबी गेंद से गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल है। शुरुआत में स्विंग नहीं मिल रहा थी और हमने परिस्थितियों से सांमजस्य बिठाया। इस बीच बांग्लादेश के कप्तान मोमिनुल हक ने कहा कि उनकी टीम को गलतियों से सीख लेने जरूरत है। उन्होंने कहा, ”जाहिर है दोनों टीमों में काफी अंतर है। इन दो मैचों से हमने काफी कुछ सीखा है। हम इसका आकलन करेंगे। गुलाबी गेंद, नयी गेंद हमारे लिये चुनौतीपूर्ण रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here