दिल्ली सरकार मार्च से करेगी राशन की होम डिलिवरी

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दूसरी तरफ कोरोना काल में हर महीने एक करोड़ लोगों को राशन दिया, 1.56 लाख चालकों को 5-5 हजार और निर्माण मजदूरों को 10-10 हजार रुपए दिए।

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि मार्च से दिल्ली में  राशन की डोर स्टेप डिलिवरी शुरू जाएगी। इसके बाद दिल्लीवासियों को राशन लेने के लिए लंबी लाइनें लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सरकार उनके घर राशन भेजेगी। केजरीवाल सोमवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली सचिवालय में ध्वाजारोहण समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर कोरोना काल के कामों पर केजरीवाल ने अपनी सरकार की पीठ थपथपाई।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मार्च के महीने तक डोर स्टेप डिलिवरी ऑफ राशन चालू कर दिया जाएगा, जिसमें अब लोगों को राशन की दुकान पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आपको 25 किलो गेहूं और 10 किलो चावल मिलना है, तो 25 किलो की पैकिंग में साफ-सुथरा गेहूं या आटा और 10 किलो चावल की एक बोरी बनाकर घर पहुंचा दिया जाएगा। लोगों को किसी दुकानदार के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। कहीं पर लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है। पूरी शासन व्यवस्था को बदलने के लिए यह अपने आप में बहुत ही बड़ा क्रांतिकारी कदम होगा। 

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि झुग्गी वालों को मकान देने की हमारी योजना बहुत तेजी से चल रही है। उनके लिए कई मकान बन चुके हैं। लोगों से इस मामले में सहयोग मांगते हुए केजरीवाल ने कहा कि कहीं-कहीं पर झुग्गी में रहने वाले लोग फ्लैट में शिफ्ट होने से थोड़ा कतराते हैं। ऐसे लोगों से गुजारिश है कि झुग्गी में आपकी जिंदगी, कोई अच्छी जिंदगी नहीं है। दिल्ली सरकार अच्छे फ्लैट बनाकर दे रही है। सब लोग फ्लैट में शिफ्ट हों, इससे जिंदगी बेहतर हो जाएगी।
कोरोना महामारी का सफलता पूर्वक सामना किया

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछला एक साल सबके लिए बहुत मुश्किल रहा, जब हम सब लोग इस महामारी से जूझ रहे थे। दर ल्लीवासियों के लिए खासकर यह एक साल और ज्यादा मुश्किल रहा। दिल्ली ने कोरोना की महामारी का बहुत प्रचंड रूप देखा। 11 नवंबर को दिल्ली में एक दिन में लगभग 8.5 हजार कोरोना के केस आए। विश्व के किसी और शहर में इतने ज्यादा केस कहीं नहीं आए। बावजूद इसके दिल्ली का हेल्थ सिस्टम ध्वस्त नहीं हुआ। जबकि अमेरिका के शहर न्यूयार्क में अप्रैल महीने के पहले हफ्ते में 6300 केस आने पर वहां के अस्पतालों के बाहर सड़कों पर लाइनें लगी हुई थी। पूरा हेल्थ सिस्टम ध्वस्त हो गया था। 

अरविंद केजरीवाल नेकहा कि दूसरी तरफ कोरोना काल में हर महीने एक करोड़ लोगों को राशन दिया, 1.56 लाख चालकों को 5-5 हजार और निर्माण मजदूरों को 10-10 हजार रुपए दिए।  दिल्ली ने कोरोना काल के दौरान देश और दुनिया को होम आइसोलेशन व प्लाज्मा थेरेपी दी है। दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों को भरोसे में लेकर आदेश जारी किए और सबने मिल कर दिल्ली के लोगों की सेवा की। दिल्ली सरकार ने कोरोना योद्धाओं को एक-एक करोड़ रुपए की सहयोग राशि दी। कोरोना काल में भी पानी और बिजली मुफ्त देना बंद नहीं किया। वहीं, पुलिस और जवानों की शहादत पर एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने का फैसला किया, पहले की सरकारों ने इन पर ध्यान नहीं दिया।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आने वाले साल में दिल्ली में रहने वाले हर एक नागरिक के लिए हम हेल्थ कार्ड जारी करने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत सरकारी अस्पतालों से करेंगे। यह हेल्थ कार्ड ऐसा होगा कि आप किसी भी अस्पताल में उस कार्ड को लेकर जाइए, आपका एक हेल्थ आईडी होगा, आपको कोई पर्ची ले जाने की जरूरत नहीं है। अस्पताल में जाने पर लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। डॉक्टर से ऑनलाइन या फोन पर मिलने का मिलेगा। सरकारी अस्पतालों से शुरू कर उसमें सभी मोहल्ला क्लीनिक, सभी पॉलीक्लिनिक, सारी डिस्पेंसरी और सारे सोसाइटी वाले अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। उसके बाद सारे निजी अस्पतालों को भी इसमें जोड़ा जाएगा। हमारा हेल्थ मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।

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