दिल्ली हाई कोर्ट ने मेहुल चोकसी की Netflix डॉक्यूमेंट्री को लेकर दायर याचिका खारिज की

न्यायमूर्ति नवीन चावला ने Netflix से वकील से मौखिक रूप से कहा था कि वह चोकसी को इसकी ‘प्री-स्क्रीनिंग’ उपलब्ध कराने पर विचार करे और विवाद पर विराम लगाए।

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दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi high court) ने भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी की याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। याचिका में Netflix की दो सितंबर को रिलीज होने वाली डॉक्यूमेंट्री ‘बैड बॉय बिलियनेयर्स’ की प्री-स्क्रीनिंग करने की मांग की गई थी। इसके अलावा डॉक्यूमेंट्री की रिलीज की भी मांग की गई है।

इससे पहले बुधवार को Netflix से दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा था कि क्या वह ‘बैड ब्वॉय बिल्यनेर्स’ वेब सीरीज इसकी रिलीज से पहले करोड़ों रुपये के PNB घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को उपलब्ध करा सकता है।

न्यायमूर्ति नवीन चावला ने Netflix से वकील से मौखिक रूप से कहा था कि वह चोकसी को इसकी ‘प्री-स्क्रीनिंग’ (रिलीज से पहले देखने के लिए) उपलब्ध कराने पर विचार करे और विवाद पर विराम लगाए।

गीतांजलि जेम्स (Geetanjali Gems) के प्रवर्तक चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी (Nirav Modi) 13,500 करोड़ रुपये से अधिक के पंजाब नेशल बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। चोकसी पिछले साल देश छोड़ कर भाग गया था। इस वेब सीरीज के दो सितंबर को भारत में रिलीज होने का कार्यक्रम है।

Netflix पर इसके बारे में यह बताया गया है कि यह एक ऐसा वृत्तचित्र है जो भारत के सर्वाधिक कुख्यात उद्योगपतियों के लालच, फरेब और भ्रष्टाचार को बयां करता है। इसमें भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या, नीरव मोदी के साथ-साथ सुब्रत रॉय और बी राजू रामलिंग राजू के विवादित मामलों पर प्रकाश डाला गया है।

अदालत में चोकसी का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने इस वेब सीरीज की रिलीज को टाले जाने का अनुरोध किया था। अधिवक्ता ने कहा कि था उन्होंने इसका ट्रेलर देखा है और पूरी दुनिया से इस बारे में उन्हें कॉल आ रहे हैं जिनमें यह पूछा जा रहा है कि क्या वह इस वृत्तचित्र का हिस्सा हैं। साथ ही, उनसे इस पर टिप्पणी करने को भी कहा जा रहा है।

याचिका में कहा गया था कि इसके बाद याचिकाकर्ता (चोकसी) ने यह पाया कि ट्रेलर में दिख रहा एक व्यक्ति पवन सी लाल नाम का व्यक्ति है जिन्होंने ‘फ्लाव्ड:द राइज एंड फॉल ऑफ इंडियाज डायमंड मोगुल नीरव मोदी’ लिखी थी…। अग्रवाल ने कहा था कि वह इस वेब सीरीज की रिलीज पर रोक नहीं चाहते हैं, बल्कि सिर्फ अनुरोध कर रहे हैं कि इसे इसकी रिलीज से पहले उन्हें दिखाया जाए।

सुनवाई के दौरान Netflix Inc और नेटफ्लिक्स इंटरटेनमेंट सर्विसेज इंडिया एलएलपी का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने कहा था कि यह वेब सीरिज नीरव मोदी जैसे कई लोगों पर है और इसमें चोकसी पर सिर्फ दो मिनट हैं।

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