दिल्ली सरकार में हुआ विभागों का बंटवारा, अरविंद केजरीवाल अपने पास कोई मंत्रालय नहीं रखेंगे (सूत्र)

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की सरकार में विभागों का बंटवारा हो गया है. सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) अपने पास कोई मंत्रालय नहीं रखेंगे.

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Delhi Portfolio Allocation: दिल्ली में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की सरकार में विभागों का बंटवारा हो गया है. सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) अपने पास कोई मंत्रालय नहीं रखेंगे. वहीं, दिल्ली जल बोर्ड का जिम्मा सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) को दिया जाएगा. साथ ही पर्यावरण मंत्रालय कैलाश गहलोत की जगह गोपाल राय को दिया गया, जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) की जगह राजेंद्र पाल गौतम संभालेंगे. बाकी सभी पुराने मंत्रालय पुराने मंत्रियों के पास ही बरकरार. बता दें कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

सत्येंद्र जैन ने कहा कि टीम वर्क है, हम सब मिलकर काम करेंगे. हमने पहले भी जो वादे किए थे, लोगों को लगता था कि वह असंभव हैं. और जब होने लगे तो लोगों को लगा कि यह बहुत आसान था. जैन ने कहा कि जैसे कि हमने सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कहा तो सब को यह असंभव लगता था. एक हजार मोहल्ला क्लीनिक का बोला, तो लोगों ने कहा कि इतने कैसे बन सकते हैं, दुनिया में तो आज तक हुआ नहीं. अब जब हमने बना दिए तो कहने लगे कि इसमें क्या बड़ी बात है? सत्येंद्र जैन ने कहा कि तो आप देखिएगा कि अगले पांच साल में हर घर में 24 घंटे पानी देंगे और तब आपको सब बहुत आसान लगेगा. हमें सिर्फ काम करने का शौक है, और कोई शौक नहीं है. सारे मंत्रालय मेरे पास जो भी हैं, वह सारे असल में एक ही हैं, यानी इंफ्रास्ट्रक्चर.

बता दें कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) को 62 सीटें मिली हैं. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) सिर्फ 8 सीटों पर सिमटकर रह गई. दूसरी तरफ कांग्रेस (Congress) का एक बार फिर सूपड़ा साफ हो गया और वह कोई भी सीट नहीं जीत सकी. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की यह हैट्रिक है और उसने दूसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है. हालांकि आम आदमी पार्टी को 2015 के मुकाबले में 5 सीटों का नुकसान हुआ है, वहीं भारतीय जनता पार्टी को इतनी सीटों का फायदा हुआ है.

पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 67, जबकि BJP ने 3 सीटें जीती थी. जीत के बाद अरविंद केजरीवाल ने समर्थकों और दिल्लीवासियों को शुक्रिया कहा तो वहीं, दिल्ली कांग्रेस प्रमुख सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया. बीजेपी ने भी कहा कि पार्टी दिल्ली के लोगों द्वारा दिए गए जनादेश को स्वीकार करती है और वह सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी.

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