दिल्ली के भजनपुरा में निर्माणाधीन कोचिंग सेंटर की इमारत गिरी, 4 छात्रों समेत 5 की मौत

हादसे के बाद के बाद 13 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया इनमें से चार छात्रों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं, तीन छात्रों के अब भी इमारत के मलबे में दबे होने की आशंका है।

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा (Bhajan Pura) के पास सुभाष विहार (Subhash Vihar) इलाके में शनिवार को एक निर्माणाधीन कोचिंग सेंटर (Coaching Centre) की इमारत ढह गई। इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा था। हादसे के बाद के बाद 13 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया इनमें से चार छात्रों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं, तीन छात्रों के अब भी इमारत के मलबे में दबे होने की आशंका है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा ने एक अधिकारी ने बताया कि भजनपुरा इलाके में इमारत ढहने से चार छात्रों समेत पांच की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि इमारत में एक कोचिंग सेंटर चल रहा था। मलबे में कुछ छात्रों के फंसे होने का अंदेशा है। अधिकारी ने बताया कि दमकल विभाग को शाम करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली। इसके बाद दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख ने बताया कि कम से कम 13 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं तीन छात्र अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि बचाव कार्य चल रहा है।

पुलिस और दमकल विभाग की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं। हादसे में हुए नुकसान की जानकारी फिलहाल नहीं मिल सकी है। घटना के बाद यहां अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। घायलों को पास के जग प्रवेश चंद्र अस्पताल और गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर अफसोस जताया है। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ”भजनपुरा से बहुत बुरी खबर आ रही है। भगवान सब को सलामत रखे। थोड़ी देर में वहां पहुंचूंगा।”

बता दें कि अस्पताल में भर्ती हरिशंकर उर्फ शंकर ने बताया कि वह और उनके भाई उमेश कोचिंग सेंटर चलाते हैं। 10 से 12 बच्चे हादसे के वक्त निर्माणाधीन इमारत में थे। शंकर ने बताया कि वे बिजली का तार लगाने के लिए निकले ही थे कि अचानक इमारत गिर गई। बच्चे और उमेश मलबे में दब गए। बच्चों के ऊपर शंकर ने बताया कि ऊपर से गार्डर और मलबा पड़ा हुआ था। मैंने अपने भाई का मुंह दबा हुआ पाया। सबसे पहले वहां मलबे में दबे बच्चों को अपने हाथों से खोद-खोदकर निकाला।

इमारत के बगल में दूसरी इमारत में भी बच्चों को पढ़ाया जाता था, लेकिन बच्चे ज्यादा हो गए थे तो जगह साफ कर उन्हें उस इमारत में बिठा दिया गया। शंकर ने बताया कि उनकी पत्नि रुचि भी वहीं पढ़ाती हैं। हादसे के समय वह वहां नहीं थी।

गौरतलब है कि बीते साल सितंबर महीने में दिल्ली के सीलमपुर इलाके में एक चार मंजिला इमारत गिर गई थी। उस घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हुए थे। घटना के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी।

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