धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में ग्लव्ज से हटाया ‘बलिदान चिन्ह’।

महेंद्र सिंह धोनी ने रविवार को ICC के नियमों का पालन करते हुए अपने ग्लव्ज से पैराशूट रेजिमेंट के प्रतीक चिन्ह से मिलता-जुलता बलिदान चिन्ह हटा लिया।

0
63

महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने रविवार को ICC के नियमों का पालन करते हुए अपने ग्लव्ज से पैराशूट रेजिमेंट के प्रतीक चिन्ह से मिलता-जुलता बलिदान चिन्ह हटा लिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में उनके विकेटकीपिंग ग्लव्ज (Wicket Keeping Gloves) पर कोई चिन्ह नहीं था। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह वही ग्लव्ज है या धोनी ने नए ग्लव्ज पहने हैं।

दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ उनके विकेटकीपिंग ग्लव्ज (Wicket Keeping Gloves) पर बलिदान चिन्ह को आईसीसी ने नियमों का हवाला देते हुए हटाने का अनुरोध किया था।

हालांकि मुद्दे पर टीम के खिलाड़ियों ने ही नहीं BCCI ने भी उनका समर्थन किया था और खेल जगत से भी उन्हें बड़ा समर्थन मिला था। देश भर से मिल रही प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा बड़ी चर्चा में आ गया था।

BCCI ने मामले में आईसीसी को पत्र भी लिखा। सीईओ राहुल जौहरी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले से पहले इंग्लैंड पहुंच गए थे लेकिन ICC ने बलिदान चिन्ह लगाए रखने की अनुमति नहीं दी थी।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने अपने विकेटकीपिंग ग्लव्स (Wicket Keeping Gloves) पर बलिदान बैज का लोगो लगाया था। जिसके बाद गुरुवार को ICC ने BCCI से अपील की थी कि धोनी अपने ग्लव्स पर से बलिदान बैज का चिन्ह हटाकर अगले मैच में उतरे, जिसके बाद से पूरे देश में हंगामा मच गया।

ICC ने कहा कि धोनी का अपने ग्लव्स पर बलिदान बैज लगाना उसके नियमों के विरुद्ध है।

2011 में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को टेरीटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि से नवाजा गया था। उसके बाद साल 2015 में धोनी ने पैरा फोर्सेज के साथ बुनियादी ट्रेनिंग और फिर पैराशूट से कूदने की स्पेशल ट्रेनिंग भी पूरी की जिसके बाद धोनी को पैरा रेजिमेंट में शामिल किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here