ED की गिरफ्तारी से चिदंबरम को फिलहाल राहत, 5 सितंबर को SC सुनाएगा फैसला

INX Media Case में ED के मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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आईएनएक्स केस (INX Media Case) में ED के मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत 5 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। इसी के साथ अदालत ने चिदंबरम (P Chidambaram) को 5 सितंबर तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत भी दे दी।

आज सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) समाज और राष्ट्र के खिलाफ एक अपराध है। ED ने यह कहते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की। ED ने कहा कि चिदंबरम से पूछताछ आईएनएक्स मीडिया केस (INX Media Case) में बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए जरूरी है।

ED ने न्यायाधीश आर भानुमती और एएस बोपन्ना की पीठ को बताया कि इस स्तर पर वह जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूत चिदंबरम को नहीं दिखा सकती है क्योंकि पैसे से संबंधित सबूत मिटाए जा सकते हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ED का पक्ष रखते हुए कहा कि सबूतों को उजागर करने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘मनी लॉन्ड्रिंग देश और समाज के खिलाफ एक अपराध है और जांच एजेंसी का यह अधिकार और कर्तव्य है कि वह पूरी साजिश को उजागर करे।’ सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी लगातार इस बात को माना है कि आर्थिक अपराध बेहद गंभीर अपराध है, चाहे इसके लिए कोई भी सजा सुनाई गई हो।

उन्होंने कहा, ‘मेरे पास यह दिखाने के सबूत हैं कि आईएनएक्स मीडिया मामले (INX Media Case) में मनी लॉन्ड्रिंग साल 2009 के बाद फिर शुरू हुई और आज भी हो रही है।’ उन्होंने कहा कि ED चिदंबरम से हिरासत में पूछताछ करना चाहती है और भी बिना अग्रिम जमानत के।

इस दौरान शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को वह सामग्री सीलबंद लिफाफे मे पेश करने का निर्देश दिया जो वह न्यायालय के अवलोकन के लिये पेश करना चाहता था।

इससे पहले बुधवार को एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि पूर्व वित्त मंत्री ED की हिरासत से बचने के लिए पीड़ित होने का दिखावा कर रहे हैं।

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