दिल्ली में EPCA ने पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की, केजरीवाल ने बढ़ते प्रदूषण के लिए हरियाणा और पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया

केजरीवाल ने इस समस्या को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों की आलोचना की, उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी को "गैस चैंबर" बताया.

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उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा गठित पैनल ने शुक्रवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi NCR) में जन स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा करते हुए पांच नवम्बर तक सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया.

पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम व नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने प्रदूषण के ‘ बेहद गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने पर पूरी ठंड के दौरान पटाखे फोड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया. ईपीसीए के अध्यक्ष भूरे लाल ने उत्तर प्रदेश , हरियाणा और दिल्ली के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि गुरुवार रात दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत खराब हो गई और वह अब ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है. उन्होंने पत्र में कहा , ‘‘ हम इसे एक जन स्वास्थ्य आपातकाल की तरह ले रहे हैं क्योंकि वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव होगा , विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर …’

आपको बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर के लिए हरियाणा और पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. केजरीवाल ने इस समस्या को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों की आलोचना की, उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी को “गैस चैंबर” बताया. Twitter पर अरविंद केजरीवाल ने लिखा, ”खट्टर और कैप्टन सरकारें अपने किसानों को पराली जलाने पर मजबूर कर रहीं हैं जिसकी वजह से दिल्ली में भारी प्रदूषण है. कल पंजाब और हरियाणा भवन पर लोगों ने प्रदर्शन कर वहां की सरकारों के प्रति अपना रोष प्रकट किया.”


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