Coronavirus: Europe ने दुनिया से खुद को अलग किया, Britain के अलावा सभी पर 30 दिन की रोक

यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयन ने 26 देशों के समूह शेनगेन जोन में गैर नागरिकों की गैर जरूरी यात्राओं पर 30 दिन की रोक लगाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने नागरिकों से गैर जरूरी यात्राएं नहीं करने को कहा।

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भारत और चीन समेत कई देशों के बाद कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए केंद्र बने समूचे यूरोप ने खुद को बाकी दुनिया से अलग-थलग कर लिया है। यूरोपियन यूनियन (European Union) ने सोमवार को कड़े कदम उठाते हुए ब्रिटेन को छोड़कर सभी देशों के नागरिकों के यूरोप में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी। यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयन ने 26 देशों के समूह शेनगेन जोन (Schengen) में गैर नागरिकों की गैर जरूरी यात्राओं पर 30 दिन की रोक लगाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने नागरिकों से गैर जरूरी यात्राएं नहीं करने को कहा।

साथ ही इन देशों में आपात चिकित्सा व खाद्य आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष फास्टलैन बनाने का फैसला किया गया है। शेनगेन जोन में यात्रा के लिए यूरोपियन के लिए वीजा जरूरी नहीं है। जोन में ईयू के 22 देशों के अलावा गैर सदस्य आइसलैंड, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड व लिकटेंस्टिन शामिल हैं। इस जोन में ईयू के सदस्य आयरलैंड, साइप्रस, क्रोएशिया, रोमानिया व बुल्गारिया शामिल नहीं हैं।

वॉन डेन ने कहा, ब्रिटिश नागरिक (British Citizen) भी यूरोप का हिस्सा हैं, लिहाजा उन पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। वह बिना रोकटोक के यात्रा कर सकते हैं। चूंकि क्षेत्र में कोरोना का प्रकोप काफी ज्यादा है, इसलिए यात्रा पर पाबंदी लगाकर इसे फैलने से रोक सकते हैं। लिहाजा, मैं हमारे G-7 साझेदारों, देशों के प्रमुखों व सरकारों से अनुरोध करती हूं कि वह यूनियन में नागरिकों की गैर जरूरी यात्राओं पर पाबंदी लगाएं। इस संबंध में जल्द ही फैसला किया जा सकता है।

यूरोप के अधिकतर देशों में स्कूल पूरी तरह से बंद हो गए हैं और बच्चे घरों में कैद हैं। फ्रांस, पुर्तगाल, आयरलैंड, माल्टा, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, लग्जमबर्ग और जर्मनी के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

रूस मॉस्को में 500 बेड का नया अस्पताल तैयार करने में लगा है। मॉस्को के मेयर सेरेगी सॉबीनिन ने लोगों से अपील की है कि बहुत अधिक जरूरी हो तभी घरों से निकलें। सार्वजनिक यातायात का प्रयोग कम से कम करें खासतौर पर भीड़भाड़ के दौरान और हाथ न मिलाएं।

पीडि़तों की संख्या में बड़े पैमाने पर इजाफा होने से अस्पतालों में बेड का संकट बढ़ने पर पोलैंड में टेंट लगाकर इलाज किया जा रहा है। अन्य देशों में भी टेंट या कंटेनर के भीतर अस्पताल बनाए गए हैं।

एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में कोरोना का कहर साल के अंत तक रह सकता है। कुल करीब 79 लाख लोग अस्पतालों में रहने को मजबूर होंगे। दस्तावेज में कहा गया है कि नेशनल हेल्थ सर्विस मरीजों की भीड़ के आगे बेबस होगी। 80 फीसदी लोग संक्रमित होंगे और पांच लाख लोगों की मौत हो सकती है।

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