ट्रैक्टर परेड के नाम पर किसानों ने मचाया हुड़दंग, पुलिस ने भी आंसू गैस छोड़े

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज प्रदर्शनकारी किसानों के द्वारा ट्रैक्टर परेड भी निकाली जा रही है।

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कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज प्रदर्शनकारी किसानों के द्वारा ट्रैक्टर परेड भी निकाली जा रही है। दिल्ली पुलिस द्वारा तय समय से पहले ही किसान दिल्ली में घुस चुके हैं। कई जगहों पर किसानों के द्वारा बैरिकेड्स तोड़ दिए गए। इतना ही नहीं कई तस्वीरों में प्रदर्शनकारी किसान पुलिस की गाड़ियों के ऊपर चढ़े हुए दिख रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के नाम पर जमकर हुड़दंग देखने को मिल रहे हैं।

किसानों ने सिंघु, टिकरी और लोनी बॉर्डर पर पुलिस बैरिकेड्स तोड़े और दिल्ली की सीमा में प्रवेश कर गए। हालांकि, भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया, “हमें एक रूट दिया गया है हम उसी रूट से जा रहे हैं। आंदोलन खत्म नहीं होगा। नियमों का पूरा पालन किया जाएगा।”

संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। सिंघू बॉर्डर से किसानों की ट्रैक्टर रैली यहां पहुंची थी। वहीं, सिंघु बॉर्डर से किसान मजदूर संघर्ष समिति के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू ने कहा है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से जाएंगे और वापस आ जाएंगे। हमें रिंग रोड पर जाना है लेकिन पुलिस रोक रही है। लोग आ रहे हैं उसके बाद हम इस पर विचार करेंगे। 30-45 मिनट का समय दिया गया है तब तक हम यहीं बैठेंगे और फैसला करेंगे।
करनाल बाईपास पर दिल्ली के अंदर प्रवेश करने के लिए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ी

दिल्ली के मुकरबा चौक पर लगाए गए बैरिकेड और सीमेंट के अवरोधकों को ट्रैक्टरों से तोड़ने की कोशिश कर रहे किसानों के समूह पर मंगलवार को पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। राष्ट्रीय राजधानी के सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के कुछ समूह मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित किए गए समय से पहले अवरोधकों को तोड़कर दिल्ली में दाखिल हो गए थे। अधिकारी ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने सिंघू बॉर्डर पर किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। वे तय समय से पहले आउटर रिंग रोड की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।

राष्ट्रीय राजधानी के सीमा बिंदुओं पर ट्रैक्टरों का जमावड़ा दिखाई दिया जिन पर झंडे लगे हुए थे और इनमें सवार पुरुष व महिलाएं ढोल की थाप पर नाच रहे थे। सड़क के दोनों ओर खड़े स्थानीय लोग फूलों की बारिश भी कर रहे थे। वहीं, सुरक्षा कर्मी किसानों को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि वे राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड खत्म होने के बाद तय समय पर परेड निकालें।

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