प्रदर्शन कर रहे किसानों को पुलिस ने हटाने की कोशिश की, दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर पर तनाव

क‍िसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण तरीके से बैठकर विरोध करने को न्‍यायोचित बताया है.

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गाजीपुर (Ghazipur) में दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर (Delhi-Uttar Pradesh border )पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए डटे किसानों से विरोध प्रदर्शन खत्‍म करने और रास्‍ता खाली करने को कहा गया. सूत्रों के अनुसार, आदेश देने वाले गाजियाबाद प्रशासन की योजना गुरुवार रात तक रास्‍ते को खाली करने की है. उधर किसानों ने इससे इनकार कर दिया, किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने ऐलान किया वे गोलियां का सामना करने के लिए तैयार हैं.

क‍िसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण तरीके से बैठकर विरोध करने को न्‍यायोचित बताया है. गाजीपुर बॉर्डर पर कोई हिंसा नहीं हुई, इसके बावजूद सरकार दमनकारी नीति अख्तियार कर रही है. यही यूपी सरकार का ‘चेहरा’ है. ‘ गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली और यूपी की पुलिस पहुंच गई थी. पुल‍िस ने गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों से आज सड़क खाली करने को कहा था. गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की वॉटर सप्लाई काट दी गई है. पुलिस ने यहां लगाए गए पोर्टेबल टॉयलेट भी हटाने शुरू कर दिए हैं.

बता दें कि 26 जनवरी की घटना के बाद से कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को लेकर अस्थिरता फैली हुई है. गणतंत्र दिवस के दिन किसानों का ट्रैक्टर मार्च बेकाबू हो गया था, जिसके बाद आईटीओ, लालकिला और नांगलोई समेत दिल्ली के कई इलाकों में जमकर बवाल मचा. इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने 20 किसान नेताओं के खिलाफ नोटिस जारी करके पूछा है कि क्यों न आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए?

इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा है कि पुलिस ने मामला दर्ज किया है, हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे. वीएमसिंह के जाने को लेकर टिकैत ने कहा कि उनके जाने से कोई फर्क नहीं पड़ा है, जो किसान 26 जनवरी के लिए आए थे, वो गए हैं. पुलिस जांच और वायरल वीडियो को लेकर टिकैत ने कहा कि मेरा जो वीडियो पुलिस ने दिखाया है, मैं उसका लिखित में जवाब दूंगा. ये पुराना वीडियो है. जब पुलिस के साथ बातचीत फाइनल नहीं हुई थी. ये मामला बातचीत से ही हल हो सकता है, पुलिस के जबरदस्ती हटाने से हल होने वाला नहीं है. 15-20 दिन में मामले को बातचीत से हल किया जाएगा.

वहीं सिंघू बार्डर पर तक़रीबन 100 लोग पहुंचे हैं जो आंदोलन के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे हैं. किसानों का विरोध कर रहे इन लोगों का कहना है कि इन लोगों ने तिरंगे का अपमान किया है. पुलिस यहां पर बीच-बचाव कर रही है. दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों और इनके बीच गतिरोध की स्थिति पैदा हो रही है.

दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने दर्जनों एफआईआर दर्ज किए हैं और इस हिंसा में जिन किसान नेताओं और दूसरे आरोपियों के नाम दर्ज हैं, उनके खिलाफ गुरुवार को लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है. अब ये लोग फिलहाल देश के बाहर नहीं जा सकते हैं. पुलिस ने बताया है कि इन नेताओं के पासपोर्ट भी ज़ब्त किए जाएंगे.

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