87 साल के हुए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह

26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब (अब पाकिस्तान) के एक गांव में जन्मे मनमोहन सिंह दो बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वह राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं।

0
338

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Dr Manmohan Singh) गुरुवार को 87 साल के हो गए। 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब (अब पाकिस्तान) के एक गांव में जन्मे मनमोहन सिंह दो बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वह राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं।

मनमोहन सिंह के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने Tweet किया है कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। मैं उनके लंबे और स्वस्थ्य जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।

मनमोहन सिंह (Dr Manmohan Singh) ने 1948 में पंजाब विश्वविद्यालय से 10वीं की परीक्षा पास की और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चले गए। ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से साल 1957 में उन्होंने प्रथम श्रेणी से अर्थशास्त्र में ग्रेजुएट हुए। साल 1962 में उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नूफील्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में PhD की।

PhD कर डॉक्टर की उपाधि लेने के बाद मनमोहन सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अर्थशास्त्र भी पढ़ाया। शिक्षक के रूप में भी वह छात्रों के पसंदीदा रहे। उन्हें जिनेवा में दक्षिण आयोग के महासचिव के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

1971 में डॉ सिंह वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार और 1972 में वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं। इसके बाद के वर्षों में वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष, रिजर्व बैंक के गवर्नर, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष भी रहे।

कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह (Dr Manmohan Singh) साल 1991 में असम से राज्यसभा सदस्य चुने गए। इसके बाद वह साल 1995, 2001, 2007 और 2013 में फिर राज्यसभा सदस्य रहे। 1998 से 2004 तक जब भाजपा सत्ता में थी, तब वही राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे। 1999 में उन्होंने दक्षिणी दिल्ली से चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाए।

साल 2004 में जब कांग्रेस सत्ता में आई, तो डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनाए गए। साल 2009 में एक बार फिर कांग्रेस सत्ता बचाने में कामयाब रही और एक बार फिर डॉ. सिंह प्रधानमंत्री बने।

मनमोहन सिंह (Dr Manmohan Singh) 1991 से 1996 तक वित्तमंत्री रहे। 1990 का दशक वैश्वीकरण के लिए जाना जाता है और देश में आर्थिक सुधारों के लिए वह हमेशा याद किए जाते हैं। विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश करवाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। उनकी भूमिका की सभी सराहना करते हैं।

मनमोहन सिंह (Dr Manmohan Singh) ने राष्ट्रमंडल प्रमुखों की बैठक और वियना में मानवाधिकार पर हुए विश्व सम्मेलन में 1993 में साइप्रस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here