नागरिकता कानून विरोध: उत्तर प्रदेश में अलर्ट, 21 जिलों में इंटरनेट बंद

प्रदेश के 21 जिलों में अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा फिर से बंद कर दी गई है। इनमें अधिकांश वे जिले शामिल हैं जहां पिछले सप्ताह हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

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नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में हुई हिंसा के मद्देनजर शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अलर्ट जारी किया गया है। विभिन्न जिलों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। ड्रोन (Drone) से निगरानी की जा रही है। प्रदेश के 21 जिलों में अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा फिर से बंद कर दी गई है। इनमें अधिकांश वे जिले शामिल हैं जहां पिछले सप्ताह हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

DGP ओमप्रकाश सिंह की ओर से सभी जिलों के अध्यक्षों को भेजे गए निर्देशों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए लागू की गई जोन और सेक्टर की व्यवस्था को जारी रखने के लिए कहा गया है। जिलों में मस्जिदों के इमामों से संपर्क कर उनसे नमाज के बाद शांति बनाए रखने की अपील करने का आग्रह किया गया है। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि फिलहाल सभी जगह स्थिथि ठीक है। पुलिस सभी जगह पर नजर बनाए हुए है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह प्रदेश में अलग अलग शहरों में जुमे की नमाज के बाद हुए हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती गई है। डीजीपी ओम प्रकाश सिंह की ओर से शुक्रवार को होने वाली नमाज के लिए खास अलर्ट जारी किया गया है।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील जिलों में अर्ध सैनिक बलों की तैनाती गई है। पिछली बार की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए 120 कंपनी PAC और लगभग 35 कंपनी अर्ध सैनिक बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा भारी संख्या में सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, पुलिस उपाधीक्ष, अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों की तैनाती की गई है।

सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह उपलब्धता के आधार पर ड्रोन कैमरों का भी प्रयोग करें। पुलिस कर्मियें को पैदल गश्त आम लोगों के साथ संवाद करने और वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्रों को जोन और सेक्टर में बांटने की व्यवस्था को जारी रखने के लिए कहा गया है।

जिलों में मस्जिदों के इमामों से संपर्क कर उनसे नमाज के बाद शांति बनाए रखने की अपील करने का आग्रह किया गया है। उन जिलों में खास सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं, जहां पिछले सप्ताह हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

डीजीपी ओम प्रकाश सिंह (DGP O P Singh) ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में हुई हिंसा में बिना साक्ष्य के किसी की गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों से कहा है कि हिंसा के मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम की अध्यक्षता में SIT का गठन करें। जिस जिले में अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम का पद नहीं है वहां किसी अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में SIT का गठन करें।

सभी जिलों के अधिकारियों को भेजे निर्देश में DGP ने कहा है कि किसी भी हाल में बिना साक्ष्य किसी की गिरफ्तारी न की जाए। जो भी FIR दर्ज की गई हैं, उसमें पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसपर कितना अपराध बनता है, उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाए। अभियुक्तों की गिरफ्तारी में मारपीट की घटना न होने पाए। DGP ने अधिकारियों को आगाह किया है कि गुण-दोष के आधार पर ही विवेचना की जाए, किसी भी तरह के भ्रष्टाचार की स्थिति न पैदा होने पाए।

शुक्रवार की नमाज के बाद कोई अफवाह न फैले इसके लिए कई जिलों में अगले 24 घंटे के लिए जिलाधिकारियों द्वारा इंटरनेट सेवा (Internet) आंशिक या पूरी तरह से प्रभावित रहेंगी। इन में प्रमुख रूप से कानपुर, लखनऊ, फिरोजाबाद, मेरठ, अलीगढ़, बुलंदशहर, बिजनौर, हापुड़, सहारनपुर, रामपुर, अमरोहा, बहराइच, बरेली, मुजफ्फरनगर, संभल, वाराणसी, आजमगढ़, मुरादाबाद, आगरा शामिल हैं। इन लगभग सभी जिलों में CAA के विरोध में हिंसा हुई थी।

शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस के साथ-साथ RAF, ITBP, SSB और PAC के जवान भी तैनात कर दिए गए हैं। शुक्रवार को संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन से भी होगी। सेना भी सक्रिय है। .

पिछले जुमे शहर में नमाज के बाद हुई हिंसा से सबक लेकर इस जुमे की नमाज पर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। जिले में 612 हॉट स्पॉट यानी सर्वाधिक संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। इन सभी जगहों पर फोर्स के साथ एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसी तरह हर थाने में चार-चार सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।

पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए एडीएम रैंक के सुपर जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। एडीएम (सिटी) राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इसके अलावा कमिश्नर, एडीजी रेंज, डीएम, एसएसपी समेत सभी आला अफसर लगातार क्षेत्र का भ्रमण करते रहेंगे।

पुलिस के मुताबिक जिले को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पैरामिलिट्री, पीएसी के अलावा पुलिस बल की तैनाती की गई है। ड्रोन कैमरे उड़ाकर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेगी। शहर की सुरक्षा की कमान संभालने के लिए दो अतिरिक्त एसपी के अलावा बाहर से फोर्स भी बृहस्पतिवार को पहुंच गई।

मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, शामली समेत समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट रहेगा। जुमे की नमाज को देखते हुए मेरठ शहर में 22 संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। वहीं, बृहस्पतिवार दोपहर डीएम के आदेश पर शुक्रवार और शनिवार को बारहवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया।

वहीं बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, शामली में भी प्रशासन अलर्ट है। बृहस्पतिवार को जगह जगह पैदल मार्च किया गया। जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। धारा 144 लागू है तथा इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस और रैली पर पूरी तरह पाबंदी है।

साइबर सेल और सर्विलांस की टीमें सोशल मीडिया पर निगरानी कर रही हैं। डेढ़ सौ लोगों को पुलिस ने पाबंद किया है। बृहस्पतिवार को जनपद में फ्लैग मार्च कर लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। जोन के संभल में भी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इसके तहत 48 मजिस्ट्रेट और पांच जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। सभी प्रमुख मस्जिदों के पास सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात रहेगी। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि रामपुर शहर में 16 मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। इसके अलावा रात के समय भी 16 मजिस्ट्रेट ड्यूटी पर रहेंगे। इन मजिस्ट्रटों से समन्वय बनाए रखने के लिए पांच जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है।

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