गुजरात के मंत्री ‘गणपत वसावा’ अभद्र टिप्पणी में निकले आज़म खान के गुरु।

गुजरात के मंत्री गणपत वसावा ने कहा कि जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) खड़े होते हैं, तो ऐसा लगता है कि कुत्ते का पिल्ला अपनी पूंछ हिला रहा है.

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लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections) में प्रचार के दौरान प्रतिद्वंदी नेताओं और दलों को नीचा दिखाने, हद के पार अपमान करने का सिलसिला जारी है. मर्यादा की सीमाएं लांघने के इसी सिलसिले में शनिवार को गुजरात (Gujarat) के एक मंत्री ने प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तुलना करते हुए विवादित बयान दिया. उन्होंने पीएम मोदी को ‘शेर’ कहा और राहुल गांधी ‘कुत्ते का पिल्ला’ कहा.

गुजरात के मंत्री गणपत वसावा (Ganpat Vasava) ने कहा कि ‘जब पीएम मोदी (PM Modi) खड़े होते हैं, तो ऐसा लगता है कि गुजरात का शेर खड़ा है. जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) खड़े होते हैं, तो ऐसा लगता है कि कुत्ते का पिल्ला अपनी पूंछ हिला रहा है. अगर पाकिस्तान उसे ‘रोटी’ देता है, तो वह वहां जाएगा और अगर चीन उसे ‘रोटी’ देता है, तो वह वहां भी जाएगा.’

इस लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान नेता सभ्यता की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं. हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान (Azam Khan) ने ‘खाकी अंडरवियर’ को लेकर विवादित बयान दिया जिस पर उन्हें चुनाव आयोग ने दंडित भी किया. आजम खान (Azam Khan) ने एक चुनावी रैली के दौरान रामपुर से बीजेपी की उम्मीदवार जया प्रदा पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘मुझे तो यह भी पता है कि वह तो अंदर अंडरवियर भी खाकी का है पहनती हैं.’ उन्होंने रैली के दौरान जया प्रदा पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘जिसको हम उंगली पकड़कर रामपुर लाए, आपने 10 साल जिससे अपना प्रतिनिधित्व कराया…उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे, मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है.’

प्रचार में प्रतिद्वंदियों को तो निशाना बनाया ही जा रहा है, दिवंगतों को भी नहीं बख्शा जा रहा. भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी (BJP) की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya Singh Thakur) ने 26/11 के मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे के ख़िलाफ़ विवादित बयान दिया. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि हेमंत करकरे ने उन्हें ग़लत तरीक़े से फंसाया है. उन्होंने कहा कि एक अधिकारी ने हेमंत करकरे से उन्हें छोड़ने का कहा था लेकिन करकरे ने कहा था कि वे कुछ भी करेंगे, सबूत लाएंगे लेकिन साध्वी को नहीं छोड़ेंगे. साध्वी ने कहा कि हेमंत करकरे का यह कदम देशद्रोह था, धर्मविरुद्ध था.

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