ICC के फैसले से नाराज हरभजन सिंह, बॉल टेम्परिंग मामले को लेकर ट्विटर पर निकाली भड़ास

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साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम द्वारा किए गए बॉल टेंपरिंग विवाद में टीम इंडिया के टर्बनेटर हरभजन सिंह भी कूद गए हैं और आईसीसी पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है दरअसल ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी द्वारा दक्षिण अफ्रीका के तीसरे टेस्ट मैच के बीच बॉल टेंपरिंग भारी विवादों के कारण चर्चा का केंद्र बन गया है। पूर्व कंगारू कप्तान स्टीव स्मिथ ने केपटाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन प्रेस कांफ्रेंस में गेंद के साथ छेड़छाड़ (बॉल टेंपरिंग) की बात को स्वीकार करके क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। इसके बाद से ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की चारों ओर आलोचना हो रही है।

बता दें कि बॉल टेंपरिंग विवाद के बाद आइसीसी ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ को एक टेस्ट मैच के लिए निलंबित किया है। स्मिथ पर मैच फीस का 100 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया है। स्मिथ के अलावा ऑस्ट्रेलियाई ओपनर कैमरन बेनक्रॉफ्ट को आईसीसी ने तीन डिमेरिट अंक दिए हैं। साथ ही उन पर मैच फीस का 75 प्रतिशत जुर्माना लगाया है।

यही नहीं, स्मिथ से टेस्ट मैच के बीच में ही कप्तानी व डेविड वॉर्नर से उप-कप्तानी छीन ली गई और टिम पैन को कार्यवाहक कप्तान नियुक्त किया गया। इसका असर यह रहा कि प्रोटियाज टीम ने तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को भारी अंतर से हराकर चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को आइसीसी ने जो सजा दी है, उससे टीम इंडिया के अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह खुश नहीं हैं। उन्होंने एक ट्वीट के जरिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) को आड़े हाथों लिया है।

गौरतलब है, हरभजन ने आइसीसी पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है- वाह आइसीसी! अद्भुत फैसला और गजब की निष्पक्षता दिखाई। सारे सबूत बैनक्रॉफ्ट के खिलाफ होने के बावजूद उस पर कोई बैन नहीं लगाया गया। 2001 में तो हमारे छह खिलाड़ियों के खिलाफ कोई सबूत न होने के बावजूद ज्यादा अपील करने पर बैन लगाया था और 2008 का सिडनी टेस्ट याद है? गलती नहीं पाई गई, फिर भी तीन मैचों के लिए बैन लगाया। आपके पास अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग नियम हैं।

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