बारिश के बाद बाढ़ का खतरा, वसुंधरा में सड़क धंसने से 60 फ्लैट खाली करवाए

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दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार रोक रखी है। वहीं ग्रेटर नोएडा के मुबारकपुर में एक दो मंजिला इमारत जमींदोज हो गई है। हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई है समय रहते ही लोगों को बाहर निकाल लिया। भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए भविष्यवाणी की है कि शाम को भी रुक-रुक कर बारिश हो सकती है और अगले चार दिन तक बारिश होने के अनुमान हैं।

दो घंटे की बारिश में पानी में डूब चुकी दिल्ली के लिए एक और बुरी खबर है। 72 घंटे में निचली दिल्ली के कई इलाके पानी में डूब सकते हैं। दरअसल हरियाणा के यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज में 1 लाख 80 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो 72 घंटे बाद दिल्ली पहुंचेगा।

इस पानी से दिल्ली के कई निचले इलाकों में बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है। यह अलर्ट प्रशासन ने जारी किया है।

वहीं गाजियाबाद के वसुंधरा के वार्तालोक में जमीन धंस गई, जिससे उस रास्ते पर भी लंबा जाम लगा हुआ है। वहीं वार्तालोक और प्रज्ञालोक सोसायटी के 60 फ्लैट खाली करा लिए गए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

इसके साथ ही लोगों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि बारिश के कारण सिर्फ सड़क यातायात प्रभावित हुआ हो बल्कि मेट्रो सेवाएं भी बाधित हुई हैं। मेट्रो की रफ्तार भी धीमी पड़ी हुई है।

दफ्तर और स्कूल जाने के समय हुई इस बारिश से आज अधिकतर स्कूलों में रेनी-डे यानी बारिश होने के कारण छुट्टी घोषित कर दी गई। वहीं दफ्तर जा रहे लोग या तो घर वापस चले गए या अब भी जाम में फंसे हुए हैं।

इन रास्तों पर जाने से बचें-

– दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर दो बसें फंसी, ड्राइवर वाले गेट से निकले लोग
– सेक्टर 100 से एक्सप्रेसवे तक जाम
– मयूर विहार फेज के पास जाम
– बदरपुर से आश्रम तक जाम
– गीता कॉलोनी से पुश्ता रोड तक
– द्वारका में भी लगा भारी जाम
– मिंटो रोड पर भी भारी जाम
– गाजीपुर मंडी के पास लगा 3 किमी लंबा जाम
– दिल्ली से मोहन नगर के रास्ते पर आधे घंटे से भारी जाम लगा हुआ है
– एनएच 24 पर भी जाम
– सेक्टर 61 में दो ट्रक पलटे

ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के मुबारकपुर गांव में दो मंजिला इमारत गिरने से आसपास अफरा तफरी मच गई। समय रहते हुए मकान में रह रहे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

पीड़ित ओमपाल अपने परिवार के साथ मकान में रहते हैं। उनका कहना है कि मुसलाधार बारिश के कारण मकान के पास में बन रही कंपनी ने गड्ढा किया हुआ है। जिसमें पानी भरने से मकान की दीवार गिर गई। तत्काल प्रभाव से आसपास के लोगों ने ओमपाल के परिवार को सकुशल मकान से निकाल लिया।

उसके चंद मिनटों बाद ही दो मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह देखते ही देखते जमीन में बिखर गई। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।

वहीं खबर लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन का कोई आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। पीड़ित गोविंद का कहना है कि वो लगातार पुलिस और प्रशासन को फोन कर रहे हैं। लेकिन मदद के लिए कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा है गांव के लोग घर के सामान के रेस्क्यू में लगे हुए हैं।

वहीं कुछ दिनों पहले शाहबेरी गांव में दो 6 मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह जमीन पर आकर भरभराकर गिर गई थी। जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी हालांकि इसके बावजूद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।

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