महिलाओं को डर है कि कहीं पीएम मोदी उन्हें भी अपनी पत्नी की तरह अपने पतियों से अलग ना करवा दें – मायावती

मायावती ने कहा कि उन महिलाओं को डर है कि कहीं पीएम मोदी उन्हें भी अपनी पत्नी की तरह अपने पतियों से अलग ना करवा दें.

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर निशाना साधा है. मायावती (Mayawati) ने कहा कि उन महिलाओं को डर है कि कहीं पीएम मोदी उन्हें भी अपनी पत्नी की तरह अपने पतियों से अलग ना करवा दें. मायावती ने कहा, ‘मुझे तो यह भी मालूम चला है कि भाजपा (BJP) में खासकर विवाहित महिलाएं अपने आदमियों को श्री मोदी के नजदीक जाते देखकर, यह सोच कर भी काफी ज्यादा घबराती रहती हैं कि कहीं ये मोदी अपनी औरत की तरह हमें भी अपने पति से अलग ना करवा दे.’

अलवर गैंगरेप मामले (Alwar Gangrape Case) पर भी मायावती ने पीएम मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी ने अलवर गैंगरेप मामले पर चुप्पी साधी हुई थी. वह इस मुद्दे पर गंदी राजनीतिक करने की कोशिश कर रहे हैं. यह बेहद शर्मनाक है. वह कैसे किसी की बहन और पत्नियों की इज्जत कर सकते हैं, जब राजनीतिक फायदे के लिए उन्होंने अपने पत्नी को ही छोड़ दिया.’

इसके अलावा मायावती ने रविवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नया चुनावी शिगूफा छोडा है कि उनकी जाति वही है, जो गरीब की जाति है. मायावती ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने अब लोगों को वरगलाने के लिए कल से एक नया चुनावी शिगुफा छोड़ा है कि उनकी जाति वही है जो गरीब की जाति है.’

उन्होंने Tweet कर कहा, ”चुनावी स्वार्थ हेतु मोदी न जाने क्या-क्या छल करेंगे लेकिन 5 साल तक करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों आदि की दुर्दशा के लिए जनता उन्हें कैसे माफ कर सकती है?’ बता दें, मोदी ने अपनी चुनावी जनसभाओं में कहा है, ‘मैं अति पिछड़ी जाति में पैदा हुआ लेकिन देश को दुनिया में सबसे आगे ले जाने के लिये जी-जान से जुटा हुआ हूं.’ उन्होंने कहा, ‘जो लोग मोदी की जाति जानना चाहते हैं, वे कान खोलकर सुन लें. मोदी की एक ही जाति है गरीब. ये लोग मोदी का नहीं, बल्कि गरीबी की जाति का सर्टिफिकेट मांग रहे हैं.’

वहीं दूसरी ओर मायावती ने भाजपा और कांग्रेस पर देश की समस्याओं का समाधान करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए रविवार को लोगों से लोकसभा चुनाव में इन दोनों पार्टियों को हराने की अपील की थी. मायावती ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गरीबों और दलितों के लिए उचित तरीके से आरक्षण नीति लागू करने में ‘विफल’ होने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था.

उन्होंने कहा था, ‘आजादी के बाद लंबे समय तक देश में शासन करने वाली कांग्रेस गरीबी और बेरोजगारी की मुख्य समस्याओं का समाधान नहीं कर सकी. इसके अलावा वह गरीबों और दलितों के लिए आरक्षण नीति को समुचित ढंग से लागू करने में विफल रही है जिसके परिणामस्वरूप इन वर्गों को लाभ से वंचित कर दिया गया.’ उन्होंने नरेन्द्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा और इस पर दलितों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

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