Moratorium: दो करोड़ रुपये तक के कर्ज के ब्याज पर ब्याज छह महीने के लिए नहीं लिया जाएगा।

उच्चतम न्यायालय से कहा कि COVId-19 महामारी के दौरान घोषित किए गए किस्त स्थगन के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज के ब्याज पर ब्याज छह महीने के लिए नहीं लिया जाएगा।

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बैंक से कर्ज लेने वाले आम लोगों और छोटे तथा मझोले कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र ने शनिवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि COVId-19 महामारी के दौरान घोषित किए गए किस्त स्थगन के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज के ब्याज पर ब्याज छह महीने के लिए नहीं लिया जाएगा। आज यानी 5 अक्टूबर को इस मामले में फैसला आ सकता है।

सरकार के इस हलफनामे के बाद आपके मन कई सवाल उठ रहे होंगे, जैसे,
1) EMI चुका दिया तो कैसे मिलेगा लाभ?
2) क्या राशि वापस पाने के लिए बैंक में आवेदन देना होगा?
3) क्या क्रेडिट कार्ड और ऑटो लोन पर भी छूट मिलेगी?
4) क्या टीवी-फ्रिज के कर्ज पर ले सकेंगे फायदा?
5) क्या होम लोन और पर्सनल लोन पर मिलेगा लाभ?
6) क्या मोरेटोरियम से पहले ईएमआई चूकने पर मिलगा लाभ?इसका फायदा किसे और कैसे मिलेगा?
इन सारे सवालों का जवाब देखें,,,

यह फायदा मोरेटोरियम (Moratorium) का लाभ लेने वालों के साथ उस अवधि में EMI चुकाने वालों को भी मिलेगा। हालांकि, इनको इसका लाभ कैसे मिलेगा इसका आकलन अलग से होगा क्योंकि ऐसे उपभोक्ता समय से EMI चुकाते रहे हैं तो उनके द्वारा चुकाई गई राशि अधिक होगी।

सरकार के फैसले के मुताबिक क्रेडिट कार्ड और ऑटो लोन समेत कई तरह के कर्ज के पर यह छूट मिलेगी। कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड के बकाये को भी पर्सनलन लोन में बदलने का विकल्प भी दिया है। साथ ही RBI ने भी क्रेडिट कार्ड पर मोरेटोरियम देने का आदेश दिया था। ऐसे में यह छूट क्रेडिट कार्ड पर भी मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सरकार की ओर से दायर हलफनामे के मुताबिक होम लोन और पर्सनल लोन पर भी ब्याज के ऊपर ब्याज नहीं लगेगा। ऐसे में आपने इस तरह का कर्ज लिया है और मोरेटोरियम (Moratorium) की सुविधा ली है तो उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। साथ ही शिक्षा ऋण पर भी इसका लाभ मिलेगा।

EMI पर टीवी-फ्रिज खरीदने वाले उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा। टीवी-फ्रिज के लिए बैंक उपभोग आधारित ऋण यानी कंज्यूमर लोन की श्रेणी के तहत कर्ज देते हैं। ऐसे में आपको इसके कर्ज पर भी ब्याज के ऊपर ब्याज नहीं देना होगा।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दायर किया है उसके मुताबिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME ) को दिया गया कर्ज भी इसमें शामिल है। ऐसे में इन उद्योगों द्वारा दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर मोरेटोरियम के तहत ब्याज के ऊपर ब्याज चुकाने से छूट मिलेगी।

यह राशि बैंक नहीं देंगे बल्कि सरकार वापस करेगी। केंद्र ने कहा कि इस संबंध में सरकार अनुदान जारी करने के लिए संसद से उचित अधिकार मांगेगी। संसद से अनुमति मिलने के बाद सरकार उपभोक्ताओं के खाते में राशि भेजेगी।

ऐसे उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिलेगा। मोरेटोरियम (Moratorium) के तहत रिजर्व बैंक ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि मोरेटोरियम (Moratorium) का लाभ केवल उन्हीं कर्जदारों को मिलेगा जिन्होंने मार्च से पहले ईएमआई भुगतान में चूक न की हो डिफॉल्ट नहीं किया हो। इसके अलावा सरकार ने हलफनामे में आगे कहा है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था जिसकी ऋण राशि दो करोड़ रुपये से अधिक है, वह ब्याज पर ब्याज से छूट के लिए पात्र नहीं होगा।

PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डी.के. अग्रवाल ने कहा कि खजाने पर कम बोझ डालते हुए अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए सरकार यह बेहद सधा हुआ कदम है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के साथ छोटी कंपनियों को भी राहत मिलेगी जो कोरोना संकट में मुश्किलों के दौर से गुजर रहे हैं। अग्रवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा तो उससे उनकी खरीद क्षमता बढ़ेगी और उसका फायदा आगे चलकर बाजार और अर्थव्यवस्था भी होगा।

इंडिया SME फोरम की डायरेक्टर जनरल सुषमा मोरथानिया ने हिन्दुस्तान से बातचीत में सरकार की तरफ से ब्याज माफ करने के पक्ष में होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से न सिर्फ छोटा कर्ज लेने वाले ग्राहकों को फायदा होगा बल्कि छोटी कंपनियों को भी कोरोना काल में राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा दौर में SME और MSME का दायरा सरकार की तरफ से बढ़ा दिया गया है ऐसे में अच्छा होता अगर सरकार दो करोड़ की सीमा को बढ़ाकर पांच करोड़ रुपए तक के कर्ज के लिए राहत देती।

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