वायुसेना ने शुरू की 110 नए लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया

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भारत अपनी हवाई सैन्य ताकत में बहुत बड़े स्तर पर इजाफा करने जा रहा है जिसके लिए 110 लड़ाकू विमानों को खरीदा जाएगा. जिसके लिए भारतीय वायुसेना ने लड़ाकू विमानों की जरुरतों को पूरा करने के लिए शुक्रवार को टेंडर की प्रक्रिया शुरू की है. इस के तहत दुनियाभर की लड़ाकू विमान बनाने वाली कंपनी से आवेदन मांगे गए हैं. इंडियन एयरफोर्स ने अपनी वेबसाइट पर कंपनियों के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फोर्मेशन जारी किए हैं. जानकारों की माने तो भारत के 110 लड़ाकू विमानों की खरीद दुनिया की हाल के वर्षों में सबसे बड़ी डील होगी.

भारतीय वायु सेना के सूत्रों के मुताबिक इन लड़ाकू विमानों को मेक इन इंडिया के तहत बनाया जाएगा. जिसके लिए विमान बनाने वाली कंपनी के साथ एक भारतीय कंपनी भी शामिल होगी.विश्व की कुछ बड़ी कंपनियां टेंडर हासिल करने के लिए पहल कर सकती हैं. अभी तक इस लड़ाकू विमान की पूर्ति करने के लिए सबसे आगे दो ही कंपनियों के नाम चल रहे हैं जिनमें बोइंग और लॉकहीड मार्टिन के नाम हैं. इस टेंडर से पहले ही ये दोनों कंपनियां भारत में लड़ाकू विमान बनाने का प्रस्ताव पेश कर चुकी हैं. लेकिन इतने बड़े सौदे को देखते हुए इस रेस में डसॉल्ट और साब जैसी नामी कंपनियां भी शामिल जरूर होंगी.

भारतीय वायुसेना अभी लड़ाई के साजो सामान की कमी से जूझ रही है. और बात भारतीय वायुसेना की करें तो हवाई सुरक्षा की जरुरतों को देखते हुए भारतीय वायुसेना के पास 39 की जगह सिर्फ 32 कॉम्बेट स्कवाड्रन हैं. एक स्कवाड्रन में करीब 18 लड़ाकू विमान होते हैं. वायु सेना की योजना के मुताबिक इस 32 स्कवाड्रन्स को बढ़ाकर 42 किया जाना है. जिसके तहत वायुसेना को अभी 112 लड़ाकू विमानों की जरुरत है जिसके लिए ये टेंडर निकाला गया है.

बता दें कि इससे पहले भारत ने लड़ाकू विमान बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन के साथ 126 की डील को तोड़ दिया था. जिसके बाद सरकार ने 2016 में फ्रांस के साथ 36 रफेल विमानों की आपूर्ति के लिए लगभग 59 हजार करोड़ रुपये की डील की है. जिसके बाद से भारत की वायु सेना को एक नई ताकत मिलेगी.

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