पाकिस्‍तानी फौज और ISI ने दी थी अल कायदा को ट्रेनिंग – इमरान खान

इमरान ने कबूला है कि पाकिस्‍तानी फौज और उनके मुल्‍क की जासूसी एजेंसी ISI दोनों ने अल कायदा एवं अन्य आतंकी समूहों को अफगानिस्तान में लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया था।

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अमेरिका में इमरान खान (Imran Khan) ने एकबार फ‍िर पाकिस्‍तानी सेना और जासूसी एजेंसी ISI की पोल खोली है। इमरान ने कबूला है कि पाकिस्‍तानी फौज और उनके मुल्‍क की जासूसी एजेंसी ISI दोनों ने अल कायदा एवं अन्य आतंकी समूहों को अफगानिस्तान (Afghanistan) में लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया था। यही नहीं पाकिस्‍तानी आर्मी (Pakistan Army) और ISI दोनों के संबंध अल कायदा एवं अन्य आतंकी समूहों से थे।

आतंकवाद के मसले पर इमरान का यह बयान पाकिस्तान (Pakistan) के सबसे बड़े कबूलनामों में एक माना जा रहा है। सनद रहे कि ओसाम बिन लादेन (Osama Bin Laden) के नेतृत्व वाले आतंकी संगठन अल कायदा ने ही 9/11 हमले को अंजाम दिया था।

अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) के एक कार्यक्रम में सोमवार को यह पूछे जाने पर कि क्‍या पाकिस्‍तान ने इस बात की जांच कराई थी कि ओसामा बिन लादेन (Osama Bin Laden) पाकिस्‍तान में कैसे रह रहा था। इमरान खान ने पाकिस्‍तानी सेना और अल कायदा (Al Qaida) की पोल खोलते हुए कहा कि अफगानिस्‍तान में लड़ रहे अल कायदा और अन्‍य दूसरे आतंकी संगठनों के संबंध पाकिस्‍तानी फौज और मुल्‍क की जासूसी एजेंसी ISI से रहे हैं, क्‍योंकि दोनों ने ही इन्‍हें अफानिस्‍तान में लड़ने के लिए प्रशिक्ष‍ित किया था।

इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि 9/11 हमले के बाद जब हमने इन आतंकी संगठनों से मुंह मोड़ने का काम शुरू किया तो पाकिस्‍तान में कोई भी हमारे फैसले से सहमत नहीं था। पाकिस्तानी आर्मी (Pakistan Army) भी खुद को बदलना नहीं चाहती थी। यही वजहें रही कि पाकिस्‍तान को भी आतंकी हमलों का शिकार होना पड़ा। हालांकि, इमरान ने लादेन के एबटाबाद में छिपकर रहने के बारे में तत्‍कालीन पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख और ISI चीफ का बचाव भी किया। उन्‍होंने अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की सेना को इस बात की भनक नहीं थी कि लादेन एबटाबाद में रह रहा है।

इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है कि पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख और ISI चीफ को भी यह उम्‍मीद नहीं थी कि लादेन एबटाबाद में रहा रहा है। ओसामा बिन लादेन (Osama Bin Laden) के एबटाबाद में छिपकर रहने के बारे में यदि किसी को कोई जानकारी रही भी होगी तो वह बेहद निचले स्‍तर पर रही होगी। इमरान से यह पूछे जाने पर कि पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्‍स मैटिस ने पाकिस्‍तान को दुनिया का सबसे खतरनाक मुल्‍क करार दिया था इस पर आपका क्‍या कहना है…

इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि जेम्स मैटिस इस बात को पूरी तरह समझते हैं कि पाकिस्तान कट्टरपंथी क्यों बना… 9/11 हमले के बाद पाकिस्तान ने एक बड़ी भूल की थी। पाकिस्‍तान ने इस हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में अमेरिका को शामिल करके सबसे बड़ी गलती की। इसी भूल का नतीजा है कि इन लड़ाइयों में 70 हजार पाकिस्‍तानी मारे गए। कुछ अर्थशास्त्रियों का तो यह भी आकलन है कि अमेरिका को साथ लेने के कारण पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था को 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्‍तान में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के नहीं जीत पाने के लिए हमें जिम्‍मेदार ठहराया गया। हमें इस सच्‍चाई को माननी होगी कि 1980 के दशक में अफगानिस्तान में सोवियत संघ से लड़ने के लिए जिन समूहों को ट्रेनिंग दी गई थी अमेरिका ने उन्‍हीं को ही आतंकवादी मान लिया था। जबकि वे विद्रोही संगठन इस जिद पर अड़े थे कि उन्‍हें विदेशी कब्‍जे के खिलाफ जिहाद करना है।

इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि ISI ने दुनियाभर के मुस्लिम देशों से लोगों को बुलाकर ट्रेनिंग दी थी ताकि वे सोवियत यूनियन के खिलाफ जेहाद कर सकें। उस वक्‍त अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्‍ड रीगन ने उनके दिलेरी की तारीफ की थी। अफगानिस्तान की समस्या का समाधान सेना के जरिए नहीं हो सकता है। हमने साल 2008 में ओबामा प्रशासन से भी यही बात कही थी। हमें वास्‍तविकता समझनी होगी कि अफगान लोग विदेशी ताकतों के खिलाफ हमेशा एकजुट होते रहे हैं। तालिबान भी मानता है कि कू‍टनीतिक तरीके से ही मसले का हल निकल सकता है।

अल कायदा और उसके सरगना ओसामा बिन लादेन (Osama Bin Laden) को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पिछले तीन महीने में यह दूसरा बड़ा कबूलनामा है। इससे पहले जुलाई में इमरान खान ने कहा था कि पाकिस्तान को ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी का पता था। उस वक्‍त इमरान ने कहा था कि पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी ISI ने ही CIA को ओसामा की मौजूदगी के बारे में बताया था। इसी जानकारी के आधार पर अमेरिका ने लादेन को मारने में सफलता पाई थी। बता दें कि अमेरिकी मरीन कमांडो ने ओसामा को 02 मई, 2011 की आधी रात को एक बड़े ऑपरेशन में पाकिस्तान में घुसकर मार गिराया था।

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