Ind vs WI 2nd T20: इन गलतियों के कारण भारतीय टीम हारी दूसरा T-20 मैच

टॉस के बाद शीर्ष बल्लेबाजों की विफलता, गेंदबाजी में बेदम, दोयम दर्जे का क्षेत्ररक्षण। यह कुछ ऐसे पहलू थे जिसके बिना टीम इंडिया का मैच जीतना नामुमकिन था।

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2nd T20- भारतीय टीम (Indian Team) के लिए रविवार का दिन बेहद खराब रहा। कुल मिलाकर देखा जाए तो वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे टी-20 में भारतीय टीम की सिर्फ एक ही चाल कामयाब रह सकी। टॉस के बाद शीर्ष बल्लेबाजों की विफलता, गेंदबाजी में बेदम, दोयम दर्जे का क्षेत्ररक्षण। यह कुछ ऐसे पहलू थे जिसके बिना टीम इंडिया का मैच जीतना नामुमकिन था।

इसी वजह से वेस्टइंडीज (West Indies) ने भारतीय टीम को नौ गेंद शेष रहते आठ विकेट से करारी हार दी। इस जीत के साथ विंडीज ने पिछले मैच में मिली हार का हिसाब बराबर कर लिया। भारतीय टीम ने शिवम दुबे (Shivam Dubey) के T-20 करियर के पहले अर्धशतक की बदौलत 20 ओवर में सात विकेट पर 170 रन का स्कोर बनाया। जवाब में विंडीज ने 18.3 ओवर में दो विकेट पर यह लक्ष्य हासिल कर लिया।

वेस्टइंडीज की टीम ने जहां पावरपले (Power Play) में भारतीय टीम का एक विकेट निकाला, सात से 15 ओवर के बीच तीन विकेट निकाले और आखिरी चार ओवरों में तीन विकेट निकाले, लेकिन भारतीय गेंदबाज ऐसा करने में नाकाम रहे। पावरप्ले (Power Play) में एक भी विकेट नहीं, सात से 15 ओवर तक दो और आखिरी ओवर में एक भी विकेट नहीं लेना भारतीय टीम की हार की कहानी बयां कर देती है।

यही वजह रही कि पिछले मैच में विफल रहने वाले लेंडल सिमंस (नाबाद 67) और इविन लुइस (40) पहले विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी कर गए। इसके बाद अंत में निकोलस पूरन 18 गेंद में नाबाद 38 रन बनाकर विंडीज की टीम को मैच जिता गए। वहीं, भारतीय फील्डर्स ने एक ही ओवर में दो कैच छोड़े, जो भारतीय टीम की हार का कारण बन गए।

भारतीय टीम को अपने उप कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) से इस बार बड़ी पारी की उम्मीद थी, तो दूसरी ओर केएल राहुल (KL Rahul) पर पूरा भरोसा था। रोहित के बल्ले पर गेंद नहीं आ रही थी, वह शॉट खेलने के लिए जूझ रहे थे और लग रहा था कि वह कभी भी अपना विकेट गंवा देंगे। तभी कुछ ऐसा हुआ जिससे टीम मुश्किल में आ गई। पिछले मैच में 62 रन की पारी खेलने वाले राहुल, खारे पियरे की गेंद पर हेटमायर को कैच थमाकर चले गए। राहुल 11 गेंद में सिर्फ 11 ही रन बना सके।

पिछले मैच में अकेले दम पर भारतीय टीम को जीत दिलाने वाले विराट (Virat Kohli) ने अपने पसंदीदा स्थान को इस बार अपने युवा खिलाड़ी शिवम (Shivam Dubey) के लिए कुर्बान कर दिया। युवा बल्लेबाज शिवम शुरुआत में जूझते नजर आए। रन बनाने के दबाव में रोहित एक गलत शॉट का चयन कर बैठे और जेसन होल्डर ने उन्हें बोल्ड कर दिया। रोहित भी 18 गेंद में सिर्फ 15 रन ही बना सके।

शिवम (Shivam Dubey) का खेलने का अंदाज विराट के आते ही बदल गया। विराट (Virat Kohli) ने उन्हें खुलकर खेलने की छूट दी। होल्डर पर पहला छक्का लगाने के बाद विराट ने शिवम को ऐसा ही खेलते रहने की अनुमति दी। इसके बाद तो जैसे एक नया शिवम क्रीज पर था। उन्होंने कीरोन पोलार्ड के एक ही ओवर में तीन छक्के जड़ दिए। शिवम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था।

शिवम ने जिस तरह से दो छक्के मिड ऑन और एक छक्का कवर के ऊपर से मारा, उनमें पुराने युवराज सिंह की झलक देखने को मिल रही थी। इस बीच शिवम ने मात्र 27 गेंद में अपने करियर का पहला अर्धशतक पूरा किया। शिवम की फॉर्म को देखते हुए विराट ने कमान पूरी तरह से उनके हाथों में दे दी। हालांकि शिवम हेडन वाल्श जूनियर की गेंद पर छक्का लगाने के प्रयास में मिस टाइम कर कैच थमा गए। शिवम ने 30 गेंद में तीन चौके और चार छक्कों की मदद से 54 रन बनाए और पूरी तरह से भारतीय पारी का पासा पलट कर रख दिया।

शिवम (Shivam Dubey) जब पवेलियन लौटे तो विराट से एक बार फिर पिछले मैच की तरह पारी खेलने की उम्मीद थी। ऐसा था भी, क्योंकि वह बेहद ही अच्छी लय में दिख रहे थे। किसी तरह से विराट ने जितनी गेंद खेली उतने ही रन बनाए, लेकिन जब अपना गियर बदलने का मौका था, तो वह तेज गेंदबाज केसरिक विलियम्स की गेंद पर मिस टाइम कर शॉर्ट थर्डमैन पर खड़े लेंडल सिंमस को कैच थमा गए। विराट ने 17 गेंद में 19 रन बनाए। इसके बाद बांग्लादेश सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने वाले श्रेयस अय्यर इस बार भी खास नहीं कर सके और मात्र 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

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