बिपिन रावत-बालाकोट हमले के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध के लिए तैयार थी भारतीय सेना

बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike) के बाद भारतीय सेना पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के युद्ध के लिए तैयार थी।

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बालाकोट एयर स्ट्राइक (Balakot Air Strike) के बाद भारतीय सेना पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के युद्ध के लिए तैयार थी। इतना ही नहीं, वह युद्ध को पाकिस्तान की जमीन पर लड़ने के लिए तैयार थी। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने स्पष्ट रूप से सरकार को यह बता भी दिया था।

बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद सेना प्रमुख जनरल रावत ने बेहद साफ तौर पर सरकार को बता दिया था कि उनकी सेना पाकिस्तान के किसी भी जमीनी हमले से निपटने और युद्ध को दुश्मन की जमीन पर ले जाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद सरकार जब हवाई हमले करने समेत विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही थी तब सेना प्रमुख ने सरकार को अपने बल की तैयारियों के बारे में बताया था।

सेना प्रमुख ने सेना के रिटायर होने वाले ऑफिसर से एक बंद कमरे में कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद सेना पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के युद्ध के लिए तैयार थी। जनरल बिपिन रावत के बयान पर सफाई देते हुए एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि सेना प्रमुख के बयान का मतलब यह था कि भारतीय सेना युद्ध को पाकिस्तान के क्षेत्र में ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार थी।

एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि सितंबर, 2016 में उड़ी हमले के बाद भारतीय सेना ने करीब 11 हजार करोड़ रुपये की हथियार खरीद को मंजूरी दे दी थी और इसका 95 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त भी किया जा चुका है। जरूरी हथियारों की खरीद के लिए सात हजार करोड़ की लागत के 33 कॉन्ट्रैक्ट फाइनल हो चुके हैं जबकि करीब नौ हजार करोड़ रुपये की एक अतिरिक्त खरीद अपनी अडवांस्ड स्टेज पर है।

भारतीय वायुसेना ने 14 फरवरी के पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप को तबाह कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर भारतीय ठिकानों को निशाने बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय वायुसेना ने पाक की इस हरकत का माकूल जवाब देते हुए पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को खदेड़ दिया था।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने सोमवार को सैन्यकर्मियों को चेताते हुए कहा कि सेना में गलत कार्यो और भ्रष्टाचार के मामलों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। शीर्ष सैन्य सूत्रों ने जनरल रावत को यह कहते हुए कोट किया, ‘अपनी सेवानिवृत्ति से दो महीने पहले, मैं सरकार से कहूंगा कि वह मेरे खिलाफ यह जांच शुरू कराए कि क्या मैं किसी गलत काम या या भ्रष्टाचार में शामिल रहा हूं।’

सूत्रों के मुताबिक सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बंद कमरे में हुई बातचीत के दौरान सेना प्रमुख ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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