बीजेपी नेता ने की प्रेमिका की हत्या और धोखा देने के लिए ‘दृश्यम’ की तरह गाड़ दिया कुत्ते का शव

0
488

इंदौर पुलिस (Indore Police) ने जब दो साल पुराने एक हत्याकांड का खुलासा किया तो सभी चौंक गए. स्थानीय भाजपा नेता (BJP Leader), उसके बेटों और  दोस्त ने अजय देवगन की चर्चित फिल्म ‘दृश्यम’ (Drishyam) देखकर महिला की हत्या की साजिश रच डाली और महिला को मौत के घाट उतार दिया था. पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता और उसके तीन बेटों समेत पांच लोगों को धर दबोचा है. हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा (DIG, Harinarayanchari Mishra) ने बताया कि बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाली 22 वर्षीय ट्विंकल डागरे (Twinkle Dagre) की हत्या के मामले में 65 वर्षीय भाजपा नेता (Jagdish Karotiya) जगदीश करोतिया उर्फ कल्लू पहलवान (Kallu Pehlwan) , उसके तीन बेटों-अजय, विजय और विनय और उसके साथी नीलेश कश्यप को गिरफ्तार किया गया है. डीआईजी के मुताबिक पहले से ही विवाहित जगदीश करोतिया के ट्विंकल नाम की महिला के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध थे. ट्विंकल भाजपा नेता के साथ उसके घर में रहना चाहती थी, जिसको लेकर भाजपा नेता के परिवार में आये दिन कलह होता था.

रोज-रोज की लड़ाई से परेशान होकर भाजपा नेता जगदीश करोतिया ने और उसके बेटों ने ट्विंकल की हत्या की साजिश रच डाली और 16 अक्टूबर 2016 को रस्सी के फंदे से युवती का गला घोंट दिया. फिर उसकी लाश को जला दिया. जिस जगह युवती की लाश जलायी गयी थी, वहां से पुलिस ने उसकी बिछिया और ब्रेसलेट बरामद किया है. डीआईजी ने बताया, ‘हमें पता चला है कि आरोपियों ने हत्याकांड की साजिश रचने के दौरान दृश्यम फिल्म देखी थी. उन्होंने इस फिल्म के एक सीन की तर्ज पर कुत्ते के शव को एक स्थान पर गाड़ दिया था. फिर यह बात जान-बूझकर फैला दी थी कि उन्होंने गड्ढे में किसी का शव गाड़ा है. जब पुलिस ने इस स्थान की खुदाई करायी, तो वहां से कुत्ते के शव के अवशेष बरामद किये गये. इससे पुलिस की जांच कुछ समय के लिये भटक गयी.

डीआईजी के मुताबिक इस हत्याकांड की गुत्थी वैज्ञानिक तरीके से सुलझाने के लिये गुजरात की एक प्रयोगशाला में करोतिया और उनके दो बेटों का ब्रेन इलेक्ट्रिकल आसलेशन सिग्नेचर (बीईओएस) टेस्ट कराया गया. शहर के इतिहास में किसी आपराधिक वारदात को सुलझाने के लिये पहली बार बीईओएस टेस्ट कराया गया. ट्विंकल के परिजन प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के राज में इस पार्टी के तत्कालीन विधायक सुदर्शन गुप्ता पर करोतिया और उसके बेटों को पुलिस से “संरक्षण” देने का आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि, इस बारे में पूछे जाने पर डीआईजी ने कहा कि मामले में गुप्ता की किसी भूमिका को लेकर पुलिस को अभी कोई भी सबूत नहीं मिला है, लेकिन जांच जारी है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here