ISRO ने लॉन्च किया दुश्मन की रडार का पता लगाने वाला सैटेलाइट

सोमवार को एमिसैट के साथ ही 28 विदेशी नैनो उपग्रह भी प्रक्षेपित किया गया। इस मिशन के तहत पहली बार इसरो पृथ्वी की तीन कक्षाओं में उपग्रह स्थापित कर अंतरिक्ष संबंधी प्रयोग करेगा।

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श्रीहरिकोटा (Sriharikota) से भारत के एमिसैट (EMISAT) उपग्रह को रविवार को 27 घंटों की उलटी गिनती के बाद प्रक्षेपित कर दिया गया। सोमवार को एमिसैट के साथ ही 28 विदेशी नैनो उपग्रह भी प्रक्षेपित किया गया। इस मिशन के तहत पहली बार इसरो पृथ्वी की तीन कक्षाओं में उपग्रह स्थापित कर अंतरिक्ष संबंधी प्रयोग करेगा। एमिसैट उपग्रह का मकसद विद्युतचुंबकीय माप लेना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बताया कि प्रक्षेपण की उलटी गिनती सुबह छह बजकर 27 मिनट पर शुरू हो गई थी।

एजेंसी के अधिकारियों ने बताया था कि चार चरणों वाला पीएसएलवी-सी45 श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्चपैड से सोमवार को सुबह नौ बजकर 27 मिनट पर प्रक्षेपित किया जाएगा। इस मिशन के जरिये अंतरिक्ष एजेंसी के हिस्से में कई पहली चीजों का श्रेय आएगा जहां वह विभिन्न कक्षाओं में उपग्रह स्थापित करेगी और समुद्री उपग्रह अनुप्रयोगों समेत कई अन्य पर कक्षीय प्रयोग करेगी।

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