एक बार कर्ज नहीं चुका पाने वाले विजय माल्याजी’ को ‘चोर’ कहना अनुचित है – नितिन गडकरी

0
546

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) को चोर कहने पर इत्तेफाक नहीं रखते। गडकरी ने कहा कि उनका मानना है कि ‘एक बार कर्ज नहीं चुका पाने वाले विजय माल्याजी’ को ‘चोर’ कहना अनुचित है। उन्होंने कहा कि विजय माल्या का चार दशक तक नियमित समय पर कर्ज चुकाने का रिकॉर्ड रहा है। गडकरी ने हालांकि, स्पष्ट किया कि उनका माल्या के साथ किसी तरह का कारोबारी लेनदेन नहीं है।

वहीं वित्तीय धोखाधड़ी करने वालों पर सख्ती की बात करते हुए उन्होंने कहा, यदि नीरव मोदी या विजय माल्याजी ने वित्तीय धोखाधड़ी की है तो उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए, लेकिन यदि कोई परेशानी में आता है और हम उस पर धोखेबाज का लेबल दे देते हैं तो हमारी अर्थव्यवस्था प्रगति नहीं कर सकती।

एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि माल्या 40 साल तक समय से नियमित पेयमेंट कर रहा था, ब्याज भर रहा था। 40 साल बाद वह उड्डयन क्षेत्र में उतरा और परेशानी में घिर गया तो वह चोर हो गया। जो 50 साल ब्याज भरता है वह ठीक है, पर एक बार वह डिफॉल्ट कर जाए तो तुरंत सब फ्रॉड हो गया। यह मानसिकता ठीक नहीं है।

गडकरी ने कहा कि वह जिस कर्ज का जिक्र कर रहे हैं वह महाराष्ट्र सरकार की इकाई सिकॉम द्वारा माल्या को दिया गया था। यह कर्ज 40 साल पहले दिया गया था। यह कर्ज  बिना किसी परेशानी केमाल्या ने समय पर चुकाया था।

उन्होंने कहा कि किसी भी कारोबार में उतार-चढ़ाव आते हैं यदि किसी को दिक्कत आती है तो उसका समर्थन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कारोबार में जोखिम होता है, चाहे बैंकिंग हो या बीमा, उतार-चढ़ाव आते हैं। यदि अर्थव्यवस्था में वैश्विक या आंतरिक कारणों मसलन मंदी की वजह से गलतियां बुनियादी हों तो जो व्यक्ति परेशानी झेल रहा है उसका समर्थन किया जाना चाहिए।

गडकरी ने कारोबारी समस्या को चुनाव में हुई हार से जोड़ते हुए कहा कि कैसे वह 26 साल की उम्र में चुनाव हार गए थे, लेकिन उन्होंने इस हार को इस तरह नहीं लिया जैसे कि उनका राजनीतिक करियर समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि जब कोई गंभीर बीमार होता है तो उसे पहले आईसीयू में रखा जाता है, लेकिन हमारे बैंकिंग सिस्टम में पहले बीमार कंपनी को आईसीयू में रखा जाता है और फिर तय कर दिया जाता है कि वह खत्म हो चुकी है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here