जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को किया गया रिहा

जम्मू कश्मीर प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा- पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रिहा किया जा रहा है।

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जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को मंगलवार को हिरासत से रिहा कर दिया गया। जम्मू कश्मीर प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने कहा- पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रिहा किया जा रहा है। वह पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद से ही हिरासत में थीं।

महबूबा मुफ्ती के ट्विटर हैंडल ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा- “महबूबा मुफ्ती की अवैध हिरासत आखिरकार खत्म हो गई। मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद करता हूं जिन्होंने इन मुश्किल घड़ी में मेरा समर्थन किया। मैं आप सभी का आभार मानता हूं। यह इल्तिजा है। अल्लाह आपकी रक्षा करें।” इससे पहले, जुलाई में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत उनकी हिरासत में तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया था।

पिछले महीने महबूबा मुफ्ती की बेटी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता से पूछा था कि कब तक और किस आदेश के तहत केंद्र सरकार महबूबा मुफ्ती को हिरासत में रखना चाहती है। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा द्वारा दायर आवेदन पर एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। कोर्ट ने कहा था कि किसी को हमेशा हिरासत में नहीं रखा जा सकता और कोई बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को पार्टी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए अधिकारियों से अनुरोध करना चाहिए।

वहीं, पहले जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला को रिहा किया जा चुका है। इन दोनों के ऊपर भी पीएसए लगाया गया था, जिसे कई महीनों पहले वापस ले लिया गया था। फारूक और उमर अब्दु्ल्ला ने महबूबा सहित नजरबंद सभी नेताओं को रिहा करने की अपील की थी।

पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को मोदी सरकार ने निष्प्रभावी कर दिया था। इस फैसले से पहले राज्य के सैकड़ों नेताओं को हिरासत में लिया गया था। हालात सामान्य होने के साथ अधिकतर लोगों को रिहा किया जा चुका है।

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