Jet Airways के चेरयमैन नरेश गोयल और उनकी पत्‍नी ने दिया इस्‍तीफा

Jet Airways के संस्थापक एवं चेयरमैन नरेश गोयल, उनकी पत्नी अनीता गोयल कंपनी के निदेशक मंडल से हटेंगे. इस फैसले के बाद जेट एयरवेज को बैंकों से तत्काल 1,500 करोड़ रुपये तक का वित्त पोषण मिलेगा.

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मुश्किलों में घिरी एयरलाइंस जेट एयरवेज (Jet Airways) के संस्थापक एवं चेयरमैन नरेश गोयल(Naresh Goyal) , उनकी पत्नी अनीता गोयल (Anita Goyal) कंपनी के निदेशक मंडल से हटेंगे. नियामकीय सूचना में इसकी जानकारी दी गई है. इस फैसले के बाद जेट एयरवेज को बैंकों से तत्काल 1,500 करोड़ रुपये तक का वित्त पोषण मिलेगा.

बता दें कि लगातार घाटे में चल रही और नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज पिछले चार महीने से कर्मचारियों की सैलरी भी नहीं दे पाई है. पूर्ण विमानन सेवा कंपनी जेट एयरवेज गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है. इसकी वजह से उसे अपने कई विमानों को खड़ा करना पड़ा है और साथ ही वह कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा ऋण भुगतान में विलंब कर रही है.

इससे पहले नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज को लेकर एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सोमवार को कहा कि इस मामले में दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया अपनाने से बेहतर परिणाम कंपनी और कर्जदाताओं के बीच बातचीत से सामने आ सकते हैं. कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि कर्जदाता और कर्जदार बातचीत कर रहे हैं. यह सबसे अच्छी प्रक्रिया है.” श्रीनिवास इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या जेट एयरवेज दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता के लिये एक अनुकूल मामला है. उन्होंने कहा, ‘‘यदि कर्जदाताओं और कर्जदारों के बीच बातचीत से बेहतर परिणाम सामने आते हैं तो यह दिवाला एवं ऋणशोधन की प्रक्रिया में जाने से बेहतर होगा, लेकिन यदि दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया ही एकमात्र रास्ता बचा हो तो बैंकों को कदम उठाना होगा.” श्रीनिवास ने आईबीसी को अंतिम उपाय बताते हुए कहा कि यदि कंपनी के भीतर फिर से स्थिति ठीक करने की क्षमता शेष हो तो कंपनी और कर्जदाताओं दोनों के लिये यही बेहतर है कि वे मामले का समाधान निकालने की कोशिश करें. उन्होंने कहा, ‘‘यदि कर्जदाताओं और शेयरधारकों के बीच कोई करार नहीं है तब आपको आईबीसी सहित अन्य विकल्पों पर गौर करना होगा.”

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