गोपाल भार्गव की सरकार गिराने की धमकी पर कमलनाथ का करारा जवाब।

कमलनाथ ने कहा कि आपके ऊपर वाले नंबर एक और नंबर दो समझदार हैं इसीलिए वो आदेश नहीं दे रहे हैं। आप चाहें तो विश्वास प्रस्ताव ले आएं।

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कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में भी सियासी हलचल तेज होने लगी है। बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव (Gopal Bhargav) और मुख्यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारे ऊपर वाले नंबर एक या दो का आदेश हुआ तो 24 घंटे भी आपकी सरकार नहीं चलेगी। गोपाल भार्गव का इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तरफ था।

गोपाल भार्गव के बयान पर मुख्यमंत्री कमनलाथ (Kamal Nath) ने पलटवार किया। कमलनाथ ने कहा कि आपके ऊपर वाले नंबर एक और नंबर दो समझदार हैं इसीलिए वो आदेश नहीं दे रहे हैं। आप चाहें तो विश्वास प्रस्ताव ले आएं।

इससे पहले गोपाल भार्गव ने कर्नाटक सरकार गिरने पर कहा था कि लंगड़ी सरकारों का यही हाल होता है। अब कर्नाटक में बेहतर तरीके से विकास होगा। मध्यप्रदेश की भी लगभग यही स्थिति है, क्योंकि यहां ट्रांसफर उद्योग चल रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के साथ छल कपट कर उनसे वोट ले लिए गए। मध्यप्रदेश में लूट-खसोट, भ्रष्टाचार और चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। मुझे विश्वास है मध्यप्रदेश की सरकार भी अपना पिंडदान करवाएगी।

वहीं, दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘हम यहां (मध्यप्रदेश) सरकार गिराने का कारण नहीं बनेंगे। कांग्रेस नेता खुद ही सरकार के पतन के लिए जिम्मेदार होंगे। कांग्रेस पार्टी के भीतर कलह है और उसे बसपा का समर्थन हासिल है, अगर कुछ होता है तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।

हालांकि, कांग्रेस ने शिवराज के बयान का पलटवार किया। कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा ने हमारे लिए समस्याएं पैदा करने के लिए सब कुछ किया है, लेकिन यह कमलनाथ की सरकार है, कुमारस्वामी की नहीं, उन्हें इस सरकार को हिलाने के लिए सात जन्म लेने होंगे।

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