कूड़ेदान से 3000 कंडोम ढूंढ लिए लेकिन 2016 से लापता नजीब अहमद को नहीं खोज पाए – कन्हैया कुमार

'आप सरकारी बंगले में रहते हैं, सरकारी कार चलाते हैं, सरकारी हवाई जहाजों में उड़ान भरते हैं लेकिन आपको सरकारी इंस्टीट्यूट्स जैसे JNU नहीं चाहिए.

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दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में लेफ्ट समर्थित छात्रों से मारपीट का मुद्दा इस समय सुर्खियों में है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है. बीते मंगलवार JNUSU के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) यूनिवर्सिटी पहुंचे और छात्रों को संबोधित किया. मोदी सरकार पर हमलावर रुख अख्तियार करते हुए कन्हैया ने गुरुवार को कहा कि JNU को गाली देकर और आरोप लगाकर देश की समस्या खत्म नहीं होगी. यह लोग लापता नजीब अहमद को नहीं ढूंढ पाए लेकिन JNU से 3000 कंडोम ढूंढ लिए.

कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) ने कहा, ‘हमें जितनी गाली देनी है दो, हमें देश-विरोधी कहना है कहो लेकिन ये आपके बच्चों को नौकरी दिलाने में मदद नहीं करेगा. इससे आपकी सुरक्षा नहीं होगी. इससे आपको मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी. मैं आपकी कुंठा को समझ सकता हूं. यहां (JNU) एडमिशन पाना आसान नहीं होता है.’ JNU के गुमशुदा छात्र नजीब अहमद के बारे में कन्हैया ने कहा, ‘वो (पुलिस) लोग लापता नजीब को नहीं ढूंढ सके लेकिन JNU के कूड़ाघर से उन्होंने 3000 कंडोम ढूंढ लिए. पता नहीं उन्होंने इसे गिना कैसे होगा.’ बताते चलें कि JNU का छात्र नजीब अहमद अक्टूबर 2016 से लापता चल रहा है. दो साल की जांच के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं है. CBI ने मामले की जांच की और उसके बारे में कुछ भी पता नहीं चलने पर केस बंद कर दिया.

बताते चलें कि साल 2016 में बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा ने JNU के बारे में कहा था, ‘आप लोगों को यहां हर रोज 3000 बीयर की बोतलें, 200 शराब की बोतलें, 10 हजार सिगरेट की बट (सिगरेट का पिछला हिस्सा), 4000 बीड़ी, 50 हजार हड्डियों के टुकड़े, 2000 चिप्स के खाली पैकेट, 500 अबॉर्शन के इंजेक्शन और 3000 कंडोम मिल जाएंगे.’ कन्हैया कुमार ने बीजेपी नेता के इसी बयान पर तंज कसा था. कन्हैया ने प्रधानमंत्री और सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आप सरकारी बंगले में रहते हैं, सरकारी कार चलाते हैं, सरकारी हवाई जहाजों में उड़ान भरते हैं लेकिन आपको सरकारी इंस्टीट्यूट्स जैसे JNU नहीं चाहिए. आपको जियो इंस्टीट्यूट चाहिए. ये विश्वासघात है. आप सरकार हैं और ये आपकी जिम्मेदारी है कि JNU जैसे इंस्टीट्यूट को सही तरीके से चलाएं.’

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